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बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने CEC ज्ञानेश कुमार को दी 'बाबा ज्ञानेश्वरानंद' की उपाधि, मतदाता सूची विवाद पर तंज

Published: Fri, 16 Oct 2026 04:17 PM (IST)

बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को 'बाबा ज्ञानेश्वरानंद' की उपाधि दी है। यह टिप्पणी मतदाता ...और पढ़ें

निशिकांत दुबे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को 'बाबा ज्ञानेश्वरानंद' की उपाधि दी है।

निशिकांत दुबे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को 'बाबा ज्ञानेश्वरानंद' की उपाधि दी है।

HighLights

  1. निशिकांत दुबे ने CEC ज्ञानेश कुमार को 'बाबा ज्ञानेश्वरानंद' कहा।

  2. यह टिप्पणी मतदाता सूची से नाम हटाने के विवाद पर है।

  3. विपक्ष के आरोपों पर बीजेपी सांसद ने व्यंग्य किया।

डिजिटल डेस्क, देवघर/रांची। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद और झारखंड के गोड्डा से लोकसभा सदस्य डॉ. निशिकांत दुबे ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर सोशल मीडिया पर एक व्यंग्यात्मक पोस्ट किया है। उन्होंने सीईसी को ‘बाबा ज्ञानेश्वरानंद’ की उपाधि देने का मन बनाया है और विपक्ष के आरोपों पर तंज कसा है।

निशिकांत दुबे ने शुक्रवार को सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, “आज मैंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार जी को बाबा ज्ञानेश्वरानंद की उपाधि प्रदान करने का मन बनाया है, क्योंकि बाबा ज्ञानेश्वर जी इतने अंतर्यामी या पहुंचे हुए संत हैं कि 13.5 करोड़ लोगों की आत्मा में घुसकर उनकी बातें स्वर्ग/आकाश/पाताल पृथ्वी तक जानते थे कि यह भाजपा का असली वोटर है या नहीं?

इसलिए उनका नाम वोटर लिस्ट से बाहर कर दिया। मरे हुए लोगों की आत्मा में घुसना तो बाबा ज्ञानेश्वर जी को शीर्षस्थ संत साबित करती है। जय बाबा ज्ञानेश्वरानंद महाराज।”

यह पोस्ट विशेष रूप से चुनाव आयोग की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से लगभग 13 से 13.5 करोड़ नाम हटाए जाने के विवाद के बीच आया है। दोनों तरफ से इस पर आरोप-प्रत्यारोप जारी है। 

एसआईआर जून 2025 में बिहार से शुरू हुई थी और बाद में 30 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में फैली। चुनाव आयोग का कहना है कि यह प्रक्रिया डुप्लिकेट, मृत, शिफ्ट हुए और अयोग्य प्रविष्टियों को हटाने के लिए है।

विपक्षी दल और कुछ संगठनों का आरोप है कि इस प्रक्रिया में बड़ी संख्या में वैध मतदाताओं के नाम भी हटाए गए हैं। उन्होंने CEC ज्ञानेश कुमार पर एकतरफा फैसले लेने और प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाया है।

nishikant tweet

बांग्लादेशियों को वोटर बनाने की कोशिश 

निशिकांत दुबे पहले भी CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी प्रदर्शनों को “बांग्लादेशियों को वोटर बनाने की कोशिश” बता चुके हैं। उनका ताजा पोस्ट विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए व्यंग्य के रूप में देखा जा रहा है। इस विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में भी याचिकाएं लंबित हैं और सीईसी को नोटिस जारी किए गए हैं। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी है।

बता दें कि इससे पहले भी कई भाजपा नेता और समर्थक मुख्य चुनाव आयुक्त को भारत रत्न देने तक की मांग कर चुके हैं। जबकि दूसरी ओर सीजेपी, कांग्रेस व वाम दलों का विरोध भी तेज होता जा रहा है। दोनों तरफ सोशल मीडिया में प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है।

एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि दो चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 महीनों में कम से कम 14 बार औपचारिक आपत्ति दर्ज की थी। चुनाव आयोग ने मतभेदों को सामान्य बताया है। 

बीजेपी और चुनाव आयोग का पक्ष है कि हटाए गए नामों में मृत व्यक्ति, शिफ्ट हुए लोग, डुप्लिकेट एंट्री और ट्रेस न हो पाने वाले शामिल हैं। हाल ही में चुनाव आयोग ने 17 राज्यों में स्पेशल समरी रिवीजन की घोषणा की है और राजनीतिक दलों को सर्चेबल पीडीएफ उपलब्ध कराने का फैसला लिया है।