केंद्र सरकार को झारखंड के कोयले की आवश्यकता नहीं, गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे का राज्य सरकार पर हमला
गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि केंद्र को झारखंड के कोयले की आवश्यकता नहीं है और राज्य सरकार एमएमडीआर संशोधन अधिनियम पर जनता को गुमराह कर रही है।

जेपीएससी-जेएससीसी अनियमितताओं के लिए राज्य सरकार पर निशाना साधा।
HighLights
केंद्र को झारखंड के कोयले की कोई आवश्यकता नहीं: निशिकांत दुबे।
राज्य सरकार पर एमएमडीआर संशोधन अधिनियम पर गुमराह करने का आरोप।
जेपीएससी-जेएससीसी अनियमितताओं और एसआईआर प्रक्रिया पर उठाए सवाल।
राज्य ब्यूरो, रांची। गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने रविवार को कहा कि केंद्र सरकार को उनके कोयले की कोई आवश्यकता नहीं है। झारखंड सरकार कोयला देना बंद कर दे। दुमका परिसदन में मीडिया से बात करते हुए दुबे ने आरोप लगाया कि एमएमडीआर संशोधन अधिनियम, 2026 को लेकर राज्य सरकार जनता को गुमराह कर रही है।
उन्होंने दावा किया कि ऐसे कई राज्य हैं, जहां कोयला का उत्पादन हो रहा है पर झारखंड में इसका विरोध हो रहा है। सांसद ने जेपीएससी-जेएससीसी में अनियमितता मामले में झामुमो नेता सुप्रियो भट्टाचार्य पर भी निशाना साधा।
कहा कि हर एक मुद्दे पर लंबा-चौड़ा भाषण देने वाले सुप्रियो अब इस मुद्दे पर इसलिए चुप हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि अगर इस मामले को सीबीआइ ने ले लिया तो वह फंस सकते हैं। सांसद ने राज्य सरकार पर एसआइआर प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप भी लगाया।
कहा कि एसआईआर को प्रभावित करने के लिए मुख्य सचिव ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार, शिक्षा सचिव उमाशंकर सिंह और रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री के साथ बैठक की। उन्होंने निर्वाचन आयोग से इसकी जांच की मांग की।
