रांची, राज्य ब्यूरो : राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने झारखंड के उग्रवादी संगठन तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी टीएसपीसी के जोनल कमांडर भीखन गंझू को हथियार सप्लाई के मामले में एक आरोपित संतोष कुमार उर्फ संतोष सिंह उर्फ उमेश कुमार के खिलाफ बुधवार को पूरक आरोप पत्र दाखिल किया। यह आरोप पत्र पटना में एनआइए की विशेष अदालत में दाखिल किया गया है। आरोपित संतोष कुमार मूल रूप से बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के होरी छपरा का रहने वाला हैं। संतोष पर आरोप है कि वह टीएसपीसी के जोनल कमांडर भीखन गंझू को म्यांमार आर्मी का हथियार सप्लाई करता था। 

हथियार सप्लाई का यह मामला 07 फरवरी 2019 का है। तब बिहार पुलिस ने पूर्णिया के बायसी में म्यामार सेना के इस्तेमाल में आने वाली दो ग्रेनेड लांचर, एके-47 समेत 1800 कारतूसों के साथ मणिपुर और गोरखपुर के तस्करों

को गिरफ्तार किया था। अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी और आपूर्ति के तार आतंकियों और नक्सलियों से जुड़े होने के कारण मामला अतिसंवेदनशील हो गया था। इसके बाद यह केस एनआइए को सौंप दिया गया था। घटना के वक्त सबसे पहले उत्तर प्रदेश के गोरखपुर पिपराइच निवासी सूरज प्रसाद, मणिपुर के संघशाक निवासी क्लियरसन काबो व वीआर काहोरंगम सफारी कार के साथ पकड़े गए थे। ये

गाड़ी में म्यामांर आर्मी की अंडर बैरल ग्रेनेड लांचर लगे दो अत्याधुनिक हथियार और एके-47 छुपाकर ले जा रहे थे कि पकड़े गए थे। अब तक इस मामले में सात आरोपितों के विरुद्ध एनआइए चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। अन्य

सहयोगियों-सप्लायरों के खिलाफ मामले की जांच जारी है|

दो आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है एनआइए : राष्ट्रीय जांच एजेंसी पूर्व में छह आरोपितों के विरुद्ध दो आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है। इन आरोपितों में सूरज प्रसाद, वीआर काहोरंगम, क्लियरसन काबो, त्रिपुरारी सिंह, मुकेश सिंह व निंगखान संगताम शामिल हैं। इनके विरुद्ध 03 अगस्त 2019 व 22 नवंबर 2019 को आरोप पत्र दाखिल किया जा चुका है।

Posted By: Alok Shahi

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