रांची [प्रणय कुमार सिंह] । राज्य के कक्षा नौवीं व 11 वीं के करीब 7.50 लाख छात्र-छात्राएं असमंजस में हैं। उन्हें समझ में नहीं आ रहा है कि वे क्या और कैसे पढ़ें। एक अप्रैल से नया सत्र ऑनलाइन शुरू हो गया है। लेकिन इन दोनों कक्षाओं के छात्र-छात्राओं की वार्षिक परीक्षा नहीं हुई है। शिक्षक कक्षा आठवीं से नौवीं में गए छात्रों की ऑनलाइन पढ़ाई शुरू कर दिए हैं। लेकिन नए सत्र में कक्षा दसवीं व 12वीं की पढ़ाई शुरू नहीं कर पा रहे हैं। क्याेंकि नौवीं के छात्र 10वीं व 11वीं के 12वीं में नहीं गए हैं। राज्य भर से नौवीं में करीब 4.30 लाख व 11वीं में 3.20 लाख विद्यार्थी परीक्षा में शामिल होते हैं।

...तो नया सत्र अगस्त से शुरू होगा

कक्षा नौवीं व 11वीं की वार्षिक परीक्षा झारखंड एकेडमिक काउंसिल आयोजित करता है। जैक ने कहा था कक्षा 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षा के तुरंत बाद नौवीं व 11वीं की परीक्षा ली जाएगी। लेकिन अब तो 4 मई से होने वाली बोर्ड परीक्षा ही स्थगित कर दी गई है। जैक के अनुसार बोर्ड परीक्षा 15 जून से पहले नहीं होगी। यह परीक्षा एक माह तक चलती है। ऐसे में नौवीं व 11वीं की परीक्षा 15 जुलाई के बाद होगी और इनका नया सत्र अगस्त से पहले शुरू नहीं हो पाएगा।

कैसे पूरा होगा 12 माह का सिलेबस 6 माह में

कक्षा 10वीं व 12वीं का नया सत्र अगस्त से शुरू होने पर इनका सिलेबस पूरा नहीं हो पाएगा। ये छात्र-छात्राएं वर्ष 2022 की फरवरी में होने वाली बोर्ड परीक्षा में शामिल होंगे। लेकिन इनके पास सिलेबस पूरा करने के लिए केवल छह माह होंगे। इसी बीच दशहरा, दीपावली, छठ व क्रिसमस की भी छुट्टी होगी। शिक्षकों का कहना है कि 12 माह का कोर्स छह माह में पूरा करना संभव नहीं होगा।

कक्षा आठ की तरह करें प्रमोट या दें रिजल्ट

कोराेना के कारण कक्षा एक से आठ तक की भी परीक्षा नहीं हुई। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने इन कक्षाओं के बच्चों को सीधे अगली कक्षा में प्रमोट कर दिया है। नौवीं व 11वीं के छात्र-छात्राओं का कहना है कि उन्हें भी अगली कक्षा में प्रमोट कर दिया जाए या फिर कोई फार्मूला तैयार कर उन्हें रिजल्ट दिया जाए ताकि वे बोर्ड परीक्षा की तैयारी शुरू से ही ठीक से कर सके।

परीक्षा तो छोडि़ए सीबीएसई में तो चल रही हैं कक्षाएं

इधर, सीबीएसई स्कूलों में कक्षा नौवीं व 11वीं की परीक्षा ऑनलाइन हो कर न सिर्फ रिजल्ट जारी कर दिया गया है, बल्कि इनकी आनलाइन कक्षाएं भी चल रही है। डीएवी ग्रुप की ही बात करें तो यहां बीते 5 अप्रैल से ही कक्षाएं चल रही है। जैक बोर्ड के छात्र-छात्राओं का कहना है कि पढ़ाई में सिलेबस से लेकर परीक्षा का पैटर्न सीबीएसई की तरह ही है तो कक्षाएं समान समय पर क्यूं नहीं शुरू हो पाती है।

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