यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 25, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
जानिए, किसके इशारे पर की गई थी छह नक्सलियों की हत्या
छह नक्सलियों की हत्या को लेकर तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी (टीएसपीसी) ने कई खुलासे किए हैं।

संवाद सूत्र, बुढ़मू। केरेडारी थाना क्षेत्र के हेंदेगीर के निकट छह नक्सलियों की हत्या को लेकर तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी (टीएसपीसी) ने कई खुलासे किए हैं। संगठन के प्रवक्ता विक्रांत ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से इस कांड में भाकपा माओवादी और गुंडा गिराहों का हाथ बताया है। छोटानागपुर जोन के प्रवक्ता विक्रांत ने हत्या में शामिल सात लोगों के नाम का भी खुलासा किया है।
कोई आत्मसमर्पण करने वाला नहीं
विज्ञप्ति में इस बात का भी खंडन किया गया कि टीएसपीसी के कुछ सदस्य समर्पण करने वाले थे।
ऐसे घटी थी घटना:
संगठन के मुनेश्वर उरांव का प्रेम संबध बीजूपाडी़ की एक युवती से चल रहा था। शादी का झांसा देकर उसने युवती को गर्भवती बना दिया था। इसके बाद लड़की का गर्भपात कराते हुए शादी से इन्कार कर दिया। परिजनों ने न्याय के लिए सागरजी व मनीषजी से मिलकर गुहार लगाई थी। मामले को लेकर उन दोनों कमांडरों ने मुनेश्वर को कड़ी फटकार लगाते हुए शादी का दबाव बनाया था। इस बात को लेकर मुनेश्वर नाराज चल रहा था व संगठन से छुट्टी ले रखी थी। इसी बीच अनिल भुइयां व मुनेश्वर जेपीसी मे शामिल हो गए। पिछले साल आठ नवंबर को संगठन ने जेपीसी के सात सदस्यों का पकड़ा था व चेतावनी देकर उन्हें छोड़ा गया था। इनमें मुनेश्वर व अनिल भी शामिल थे।
इसके बाद वे माओवादी सोहन भुईयां के संपर्क मे आए। सोची समझी साजिश के तहत 18 मई को मुनेश्वर टीपीसी मे पुन: शामिल हुआ जबकि 19 मई को अपने नए सात साथियों के साथ अनिल भुइयां पार्टी मे शामिल हुआ। 20 मई को घटना के समय अनिल व मुनेश्वर संतरी की ड्यूटी पर थे। संगठन के लगभग 40 सदस्य खाना खाने के बाद सो रहे थे। इसी का लाभ उठाते हुए उन दोनों ने पहले सभी साथियों के हाथियार गायब किए और फिर सभी को मार डाला। गोलीकांड में संगठन के चार गंभीर रूप से घायल हुए हैं जिनका संगठन इलाज करा रहा है। संगठन ने पूरी घटना में माओवादी सोहन गंझु को जिम्मेवार ठहराया है।1
इनकी हुई थी हत्या
सागर जी, मनीष जी, जोनसन जी, डोमन जी, डब्लू जी तथा सीटन जी।
24 हथियार ले गए हत्यारे
हत्या के करने के बाद हत्यारे संगठन के 24 हथियार एवं 60 लाख रुपये लेकर फरार हो गए हैं।
भीखनजी पर आरोप निराधार
हत्या में भीखन जी के शामिल होने का आरोप को संगठन ने निराधार करार दिया है। कहा कि गत वर्ष सुरेश गंझू तथा लखन महतो की हत्या में भी भीखन जी का नाम बेवजह घसीटा गया था।
इन पर लगाया आरोप
-बड़कागांव (हजारीबाग) थाना क्षेत्र के पलांडू निवासी अनिल भुइयां
- पिपरवार (चतरा) थाना क्षेत्र के झुलनडीहा निवासी मुनेश्वर उरांव
-अमझरिया (रामगढ़) निवासी दीपक करमाली
-करमा सोय (रामगढ़) निवासी विजय महतो
-केरेडारी थाना क्षेत्र के विकास एवं अरुण तथा अन्य सात-आठ अज्ञात लोग 1
जानकारी
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