रांची, जेएनएन। naxal attack in jharkhand आम दिनों की तरह मेदिनीनगर-रांची मुख्य मार्ग (एनएच 75) पर शुक्रवार की रात लगभग आठ बजे पुलिस की हाइवे पेट्रोलिंग गश्त कर रही थी। इसी क्रम में पुलिस टीम चंदवा थाना क्षेत्र के लुकुइया गांव में पहुंची। गाड़ी रुकते ही जवान दिनेश राम नीचे उतरकर लघुशंका करने गए। तभी अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरा इलाका गूंज उठा। नक्सलियों के हमले की आशंका भांपकर पुलिस जवान दिनेश ने वहीं पास स्थित झाडिय़ों में छिपकर अपनी जान बचाई।

गश्ती वैन को नजदीक से टारगेट कर उग्रवादियों ने फायरिंग की। जब तक पुलिस पार्टी कुछ समझ पाती, तब तक एसआइ, चालक और जवानों को नक्सलियों ने निशाना बना लिया था। इस फायरिंग में पीसीआर में सवार एएसआइ समेत तीन जवान घटनास्थल में ही शहीद हो गए। जबकि शंभू प्रसाद गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें आठ गोलियां लगी थीं। उन्हें रांची रिम्स रेफर कर दिया गया। लेकिन उन्होंने रास्ते (चान्हो) में ही दम तोड़ दिया।

किस्मत से बची जान

हमला किए जाने के बाद वैन में सवार पुलिस जवान दिनेश राम की जान किस्मत से बच गई। यदि लघुशंका के लिए दिनेश नीचे उतर कर दूर नहीं गए होते, तो वह भी हमले की जद में आ जाते। इधर, मामले की सूचना पाकर बीडीओ अरविंद कुमार, सीओ मुमताज अंसारी समेत कई लोग  सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चंदवा पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली।

गाडिय़ों की लाइट करा दी गई बंद : दिनेश

मेदिनीनगर-रांची मुख्य मार्ग से होकर गुजर रहे बिहार निवासी ट्रक ड्राइवर दिनेश ने बताया, गाड़ी में रांची से सामान लेकर जा रहा था। चंदवा थाने से थोड़ी दूर पहले पुलिस की पीसीआर वैन दिखी। पास में जाने पर दिखा कि गाड़ी पर ही गोली चल रही है। मैंने अपनी गाड़ी थोड़ी दूर आगे बढ़ाई तभी हाथों में हथियार लिए लोगों ने चिल्लाया-अपनी गाड़ी की हेड लाइट बंद करो और चुपचाप सीधे निकल जाओ। मुझे नहीं पता कि ऐसा बोलने वाले लोग कौन थे, लेकिन मैंने उनकी बात मानते हुए अपनी गाड़ी की हेड लाइट को बंद कर दिया।

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