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Navratri 2026: 11 अक्टूबर से शुरू होगा शारदीय नवरात्र, इस बार पालकी पर सवार होकर आएंगी मां दुर्गा

Published: Wed, 09 Sep 2026 12:42 PM (IST)

शारदीय नवरात्र 11 अक्टूबर से शुरू होगा, जिसमें मां दुर्गा पालकी पर सवार होकर आएंगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पालकी ...और पढ़ें

11 अक्टूबर से शुरू होगा शारदीय नवरात्र(एआई जेनरेटेड तस्वीर)

11 अक्टूबर से शुरू होगा शारदीय नवरात्र(एआई जेनरेटेड तस्वीर)

HighLights

  1. शारदीय नवरात्र 11 अक्टूबर से शुरू, मंदिर-समितियों में तैयारी।

  2. मां दुर्गा पालकी पर आएंगी, जन-धन हानि का संकेत।

  3. विजयदशमी 20 अक्टूबर को, रावण दहन भी होगा।

जागरण संवाददाता, रांची। शारदीय नवरात्र को लेकर मंदिरों और पूजा समितियों में तैयारियां शुरू होने लगी हैं। दुर्गा पूजा के पंडाल शहर के विभिन्न जगहों पर बन रहे हैं। इस वर्ष शारदीय नवरात्र का शुभारंभ 11 अक्टूबर से होगा। 

इस पर पंडित रामदेव पांडेय ने कहा कि लोग यह मान रहे हैं, कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रविवार को नवरात्र शुरू होने पर मां दुर्गा का वाहन हाथी (गज) पर आएंगी। उन्होंने कहा कि चुकि शुक्रवार को महाषष्ठी हैं ऐसे में मां दुर्गा पालकी यानि दोला खटोला पर आएंगी। 

दशमी तिथि 20 अक्टूबर को दोपहर 12:50 बजे शुरू

पंडित रामदेव पांडेय ने देवी के आगमन पर कहा कि शुक्रवार को षष्ठी होने की स्थिति में मां दुर्गा का आगमन डोला यानी पालकी या खटोले पर आगमन होगा। धार्मिक मान्यताओं में डोला पर देवी के आगमन को जन-धन की हानि से जोड़कर देखा जाता है। इसी प्रकार सोमवार को दशमी पड़ने पर देवी के गज यानी हाथी पर प्रस्थान की मान्यता है। 

उनके अनुसार ऐसी स्थिति आम जन के लिए परेशानी और शोक का संकेत मानी जाती है। दशमी तिथि 20 अक्टूबर को दोपहर 12:50 बजे शुरू होकर 21 अक्टूबर को दोपहर 2:11 बजे तक रहेगी। 20 अक्टूबर को दशमी तिथि के प्रदोष काल और श्रवण नक्षत्र की स्थिति बनने के कारण इसी दिन विजयादशमी का पर्व मनाया जाएगा। इस दौरान विभिन्न स्थानों पर रावण दहन भी किया जाएगा।

  • नवरात्र प्रारंभ - 11 अक्टूबर, रविवार
  • विजयादशमी - 20 अक्टूबर, मंगलवार
  • दशमी तिथि प्रारंभ - 20 अक्टूबर दोपहर 12:50 बजे
  • दशमी तिथि समाप्त - 21 अक्टूबर, दोपहर 2:11 बजे
  • विजय मुहूर्त - 20 अक्टूबर दोपहर 1:59 बजे से 2:45 बजे तक


11 अक्टूबर से नवरात्र शुरू

  • 11 अक्टूबर प्रथम (मां शैलपुत्री की पूजा) रविवार 
  • 12 अक्टूबर द्वितीय (मां ब्रह्मचारिणी की पूजा) सोमवार
  • 13 अक्टूबर तृतीय (मां चंद्रघंटा की पूजा) मंगलवार
  • 14 अक्टूबर चतुर्थ (मां कुष्मांडा की पूजा) बुधवार
  • 15 अक्टूबर पंचम (मां स्कंदमाता की पूजा) गुरुवार
  • 16 अक्टूबर षष्ठी (मां कात्यायनी की पूजा) शुक्रवार
  • 17 अक्टूबर सप्तमी (मां कालरात्रि की पूजा) शनिवार
  • 18 अक्टूबर अष्टमी (मां महागौरी की पूजा) रविवार
  • 19 अक्टूबर नवमी (मां सिद्धिदात्री की पूजा) सोमवार
  • 20 अक्टूबर दशमी (मां की विदाई) मंगलवार