जागरण संवाददाता, रांची। रंजीत सिंह कोहली उर्फ रकीबुल से तलाक के मामले में नेशनल राइफल शूटर तारा शाहदेव बुधवार को कुटुंब न्यायालय में उपस्थित हुईं। गवाही के दौरान तारा शाहदेव ने 40 पन्ने का शपथ पत्र अदालत में दायर किया। साथ ही, उन्होंने कहा कि रंजीत सिंह कोहली ने धोखे से उससे शादी की। जबरन निकाहनामा कराया। शादी के दिन तक कोहली को वह सिख समझ रही थी। शादी के बाद पता चला कि वह मुस्लिम समुदाय का है। तारा ने न्यायालय को यह भी बताया कि दोनों की शादी के समय हाई कोर्ट के तत्कालीन रजिस्ट्रार विजिलेंस मुश्ताक अहमद भी मौजूद थे।

गवाही के दौरान तारा ने रंजीत सिंह कोहली के खिलाफ पूर्व में दर्ज कराई धोखाधड़ी, जबरन धर्म परिवर्तन कराने, प्रताडि़त करने आदि से संबंधित प्राथमिकी की कॉपी, धारा 164 के तहत दर्ज बयान की कॉपी, हाई कोर्ट के आदेश आदि से संबंधित संबंधित दस्तावेज न्यायालय को सौंपे। अब इस मामले की अगली सुनवाई 16 फरवरी को होगी। मामले में रंजीत सिंह कोहली ने न्यायालय में तारा शाहदेव से खुद जिरह की। कोहली ने तारा से पूछा, तुम्हारी पढ़ाई कहां से हुई है। कुछ और गैर जरूरी सवाल पूछे। इस पर अदालत ने नाराजगी जताई और समझाया कि यह मामला तलाक का है। इससे संबंधित तथ्य व साक्ष्यों पर ही जिरह करें। रंजीत सिंह कोहली को बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा से पेश किया गया था। तारा शाहदेव ने फैमिली कोर्ट में छह जनवरी को तलाक की याचिका दाखिल की थी।

अमानवीय शारीरिक संबंध का आरोप :

कुटुंब न्यायालय में दायर याचिका में तलाक की मांग करते हुए तारा ने रंजीत पर अमानवीय व्यवहार का आरोप लगाया है। कहा है कि उसकी शादी सात जुलाई 2014 को रांची के एक बड़े होटल में रंजीत के साथ हुई थी। शादी के बाद उसे प्रताडि़त किया गया। अमानवीय व्यवहार किया गया और अमानवीय शारीरिक संबंध बनाया गया। झारखंड हाई कोर्ट के तत्कालीन रजिस्ट्रार विजिलेंस मुश्ताक अहमद के इशारे पर अमानवीय व्यवहार सहित अन्य कुकृत्य हुआ। वहीं धमकी भी दी।

Posted By: Sachin Mishra

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