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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 15, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Jharkhand News: मोदी सरकार ने की हेमंत सरकार की तारीफ, जानिए झारखंड में ऐसा क्या हुआ

By Jagran NewsEdited By: M Ekhlaque
Published: Sat, 15 Oct 2022 09:26 PM (IST)Updated: Sat, 15 Oct 2022 09:28 PM (IST)

Hemant Soren News केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने झारखंड सरकार की सराहना की है। वजह मिड डे मील की ...और पढ़ें

Jharkhand News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन का फाइल फोटो।
Jharkhand News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन का फाइल फोटो।

रांची, राज्य ब्यूरो। Jharkhand Mid Day Meal Scheme पीएम पोषण (मिड डे मील) योजना की रिपोर्टिंग में झारखंड की सराहना हुई है। देश भर के कुछ राज्याें ने शत-प्रतिशत रिपोर्टिंग की है, जिनमें झारखंड भी शामिल है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की संयुक्त सचिव प्राची पांडेय ने सभी राज्यों के शिक्षा सचिवों को पत्र भेजकर इसकी जानकारी दी है। साथ ही अन्य सभी राज्यों को भी शत-प्रतिशत रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने का सुझाव दिया है।

झारखंड सरकार का प्रदर्शन 99.6 प्रतिशत

केंद्रीय संयुक्त सचिव द्वारा योजना में स्कूलों से प्राप्त विभिन्न प्रकार की रिपोर्टिंग का आंकड़ा सभी राज्यों को भेजा है। इसमें यह बात सामने आई है कि विभिन्न राज्यों में झारखंड के अलावा गोवा, केरल, त्रिपुरा, सिक्कम, उत्तराखंड तथा मध्य प्रदेश ने शत-प्रतिशत स्कूलों की एनुअल डाटा एंट्री की। केंद्र शासित प्रदेशों में अंडमान निकोबार तथा चंडीगढ़ का भी प्रदर्शन बेहतर रहा। इसी तरह, मासिक डाटा एंट्री में उत्तराखंड के बाद झारखंड का प्रदर्शन रहा। सितंबर माह में उत्तराखंड ने जहां शत-प्रतिशत स्कूलों की डाटा एंट्री की, वहीं झारखंड का प्रदर्शन 99.6 प्रतिशत ही रहा।

जानिए क्या होता है मिड डे मील रिपोर्टिंग

उत्तराखंड और झारखंड के अलावा केरल और पंजाब ही ऐसे राज्य ऐसे हैं जहां 90 प्रतिशत से अधिक स्कूलों की डाटा एंट्री हुई है। केंद्र शासित प्रदेशों में लद्दाख ने ही 90 प्रतिशत से अधिक स्कूलों की रिपोर्टिग सितंबर माह में की। बता दें कि इस योजना के तहत मासिक व वार्षिंक डाटा एंट्री के अलावा प्रतिदिन की रिपोर्ट के लिए आटोमेटेड मानिटरिंग सिस्टम (एएमएस) की व्यवस्था है। इसमें यह भी पता चलता है कि किस स्कूल में कितना खाद्यान्न व कुकिंग कास्ट की राशि उपलब्ध है। किस स्कूल में मिड डे मील नहीं बना, इसकी भी जानकारी मिलती है। राज्य मुख्यालय से प्रतिदिन स्कूलों से रैंडम जानकारियां भी ली जाती हैं।