-- फोटो -- शहरी सुविधाओं को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए नए नगर आयुक्त मनोज कुमार पूर्व की योजनाओं को धरातल पर उतारने में जुट चुके हैं। वर्तमान योजनाओं की जानकारी लेने के बाद उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित अवधि में योजना को पूरा करने का निर्देश दिया है। निगम की कार्यशैली को बेहतर करने की दिशा में भी वे नई तकनीक को विकसित करने की योजना भी तैयार कर रहे हैं। नगर निगम की विभिन्न योजनाओं व शहर की समस्याओं के समाधान को लेकर जागरण संवाददाता राजेश पाठक से उन्होंने खास बातचीत की।

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सवाल : नगर निगम की कार्यप्रणाली से आप कितना संतुष्ट हैं?

जवाब : नगर निगम का कार्य प्रोग्रेसिव है। अब सभी विभाग कंप्यूटरीकृत हो चुके हैं। कुछ विभाग ऑनलाइन हो चुके हैं। होल्डिंग नंबर से वाटर यूजर चार्ज समेत विभिन्न प्रकार के टैक्स को एकीकृत करने की जरूरत है। विभिन्न प्रकार के टैक्स जीपीएस आधारित हों। ताकि होल्डिंग नंबर डालते ही लोगों को टैक्स से संबंधित पूरी जानकारी उपलब्ध हो।

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सवाल : शहर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए क्या योजना है?

जवाब : अक्टूबर माह में आरएमएसडब्ल्यू प्राइवेट लिमिटेड 53 वार्डो को कवर करेगा। ताकि नगर निगम के माध्यम से सफाई व्यवस्था की बेहतर मॉनिट¨रग की जा सके। डोर-टू-डोर कूड़ा उठाव की व्यवस्था को शत-प्रतिशत पूरा किया जाएगा। इस कार्य की मॉनिट¨रग के लिए वाहनों में लगाए गए जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम को दुरुस्त किया जा रहा है।

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सवाल : ठोस कचरा प्रबंधन को लेकर क्या तैयारी की जा रही है?

जवाब : ठोस कचरा प्रबंधन को काफी इंप्रूव करने की आवश्यकता है। कूड़े का सेफली डिस्पोजल ही हमारा मुख्य लक्ष्य है। वेस्ट टू इनर्जी प्लांट स्थापित करने के लिए कंपनी ने राज्य सरकार को प्रोपोजल दिया है।

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सवाल : सीवरेज-ड्रेनेज योजना कब तक पूरा होगा?

जवाब : सीवरेज-ड्रेनेज योजना को प्रोपर वे में पूरा करना है। इस योजना के तहत कुछ तकनीकी कारण भी जुड़े हैं। सबसे पहले सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण कार्य पूरा किया जाएगा। नौ वार्डो में एक साथ काम शुरू कर दिया गया है, जिसके कारण परेशानी हो रही है।

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सवाल : शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को कैसे दुरुस्त करेंगे?

जवाब : टै्रफिक व्यवस्था को सुगम करने के लिए ई-रिक्शा नियमावली व पार्किग पॉलिसी को इंफोर्स करने की जरूरत है। इंफोर्समेंट टीम के माध्यम से इसे नियंत्रित किया जाएगा।

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सवाल : प्रधानमंत्री आवास योजना की स्थिति कैसी है?

जवाब : फिलहाल प्रधानमंत्री आवास योजना की स्थिति अच्छी नहीं है।

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सवाल : एलईडी स्ट्रीट लाइट को दुरुस्त करने की दिशा में क्या प्रयास किए जा रहे हैं?

जवाब : फिलहाल कई क्षेत्रों में एलईडी लाइट होने की शिकायत मिल रही है। इसे ऑटोमेटिक बनाना होगा, ताकि यह जानकारी मिल सके कि कहां कितनी संख्या में एलईडी स्ट्रीट लाइट खराब हो रहे हैं। फरवरी तक सभी बिजली के पोल सिंगल फीडर से जुड़ जाएंगे तो खराब लाइट बनाने में परेशानी नहीं होगी।

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सवाल : नगर निगम के राजस्व में वृद्धि करने की क्या योजना है?

जवाब : राजस्व में पूर्व की अपेक्षा वृद्धि हुई है। जेएमएनयूआरएम के तहत मिसिंग लिंक स्कीम को जल्द से जल्द पूरा करने की कोशिश की जा रही है, ताकि उपभोक्ताओं को नए वाटर कनेक्शन उपलब्ध कराए जा सकें। नए वाटर कनेक्शन की संख्या में वृद्धि होने से नगर निगम के राजस्व में भी वृद्धि होगी। फिलहाल होल्डिंग की संख्या लगभग दो लाख है। 2.50 लाख के लक्ष्य को पूरा करना है। सभी होल्डिंग गूगल मैप से आइडेंटिफाइड हैं।

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सवाल : फुटपाथ दुकानदारों को व्यवस्थित करने की क्या योजना है?

जवाब : जयपाल सिंह स्टेडियम के समीप वेंडर्स मार्केट बनकर तैयार है। दो अक्टूबर को इस भवन का उद्घाटन होगा। जल्द ही बैठक कर वेंडर्स मार्केट के दुकानों को आवंटित करने की योजना तैयार की जाएगी। नगर निगम के राजस्व का यह भी एक प्रमुख स्रोत होगा। शेष वार्डो में भी एक-एक वेंडिंग जोन का निर्माण हमारी प्राथमिकता है।

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सवाल : स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने के लिए क्या प्रयास किए जा रहे हैं?

जवाब : कूड़ा का सेफ डिस्पोजल व डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन दुरुस्त होगा। यूजर चार्ज के कलेक्शन को भी बढ़ाया जाएगा। ठोस कचरा प्रबंधन पर 80 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। अब लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट पर फोकस करने की जरूरत है।

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सवाल : बिल्डिंग बायलॉज को दुरुस्त करने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे?

जवाब : नगर निगम क्षेत्र में नए भवन निर्माण के लिए बिल्डिंग बायलॉज है। सड़क चौड़ीकरण के लिए नगर निगम से पास नक्शों की समीक्षा की जाएगी। अब तक कितने नक्शा पास हुए और कितने लोगों ने ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट ली, इसकी समीक्षा की जाएगी। कई लोगों ने जी प्लस थ्री भवन का नक्शा स्वीकृत कर जी प्लस फाइव भवन का निर्माण कर लिया है। ऐसे भवन मालिकों पर कार्रवाई की जाएगी।

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सवाल : इंफोर्समेंट सेल को मजबूत करने के लिए क्या प्रयास किए जाएंगे?

जवाब : इंफोर्समेंट सेल को मजबूत करने के लिए टीम को वॉकी-टॉकी से लैस करने की जरूरत है, ताकि एक मजबूत सिस्टम कारगर हो। सवाल : शहरवासियों की शिकायत का समाधान करने के लिए क्या प्रयास किए जा रहे हैं?

जवाब : ग्रीवांस हैंडलिंग को कारगर बनाने के लिए एक कॉल सेंटर बनाने की योजना है। हालांकि राज्य सरकार की ओर से ग्रीवांस हैंडलिंग के लिए एक सिस्टम बनाया गया है। प्रचार-प्रसार कम होने के कारण शहरवासी इस सिस्टम का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। मेरा प्रयास होगा कि ग्रीवांस हैंडलिंग के लिए अलग-अलग सिस्टम के बजाय एक सिस्टम बने, ताकि किसी को शिकायत दर्ज करानी हो तो वह एक प्लेटफॉर्म पर आएं।

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सवाल : शहर में सिटी बस की सेवा कारगर नहीं हो पा रही है। इसे कैसे दुरुस्त करेंगे?

जवाब : राज्य सरकार ने सिटी बसों के परिचालन की जिम्मेदारी जुटकॉल को दी है। सिटी बसों के पड़ाव के लिए सरकारी बस स्टैंड मॉडर्न बने। एक सस्टनेबल मॉडल बने जो टेक्नोलॉजी पर आधारित हो। सियोजल में सिटी बस की सवारी करने वाले यात्री बस में प्रवेश करते समय व उतरते समय प्री-पेड कार्ड का इस्तेमाल करते हैं। कार्ड पंच होते ही उनके प्री-पेड एकाउंट से पैसा कट जाता है। इसी तर्ज पर यहां भी सिटी बस सेवा के संचालन की आवश्यकता है।

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सवाल : नगर निगम को ई-म्यूनिस्पिल बनाने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?

जवाब : फिलहाल कुछ विभाग ऑनलाइन सिस्टम के तहत कार्य कर रहे हैं। इसे जल्द ही ई-ऑफिस सिस्टम के तहत विकसित किया जाएगा, ताकि फाइल ट्रैकिंग की व्यवस्था को दुरुस्त किया जा सके।

Posted By: Jagran