रांची में सरकारी धन की बर्बादी: ₹1.04 करोड़ से बना पाथ-वे, नगर निगम ने नाला सफाई के नाम पर जेसीबी चलाकर तोड़ा
रांची नगर निगम ने 1.04 करोड़ रुपये की लागत से बने पाथ-वे को नाला सफाई के दौरान जेसीबी से तोड़ दिया, जिससे सरकारी धन की बर्बादी हुई।

नगर निगम ने नाला सफाई के नाम पर जेसीबी चलाकर तोड़ा
HighLights
रांची में 1.04 करोड़ का पाथ-वे निगम ने तोड़ा।
नाला सफाई के दौरान जेसीबी से हुआ भारी नुकसान।
निगम की शाखाओं में समन्वय की कमी उजागर हुई।
जागरण संवाददाता, रांची। राजधानी में सरकारी धन के दुरुपयोग की एक तस्वीर वार्ड संख्या-पांच स्थित पीएचईडी कॉलोनी (मणिपाल मेडिका अस्पताल के सामने) से सामने आई है। यहां रांची नगर निगम ने करीब 1.04 करोड़ रुपये की लागत से पाथ-वे और पीसीसी सड़क का निर्माण शुरू कराया।
पीएचईडी कार्यालय के सामने पाथ-वे बनकर तैयार भी हो गया, लेकिन कुछ ही दिनों बाद नगर निगम ने उसी स्थान पर नाले की सफाई के लिए जेसीबी उतार दी। नतीजा यह हुआ कि नए बने पाथ-वे पर बिछाए गए पेवर्स ब्लाक उखड़ गए और निर्माण कार्य बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
नगर निगम की कार्रवाई से नुकसान
मौके की तस्वीरें साफ बताती हैं कि जिस निर्माण पर लाखों रुपये खर्च किए गए, उसे नाला सफाई के दौरान खुद नगर निगम की कार्रवाई ने नुकसान पहुंचा दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नाले की सफाई पहले करा ली जाती और उसके बाद पाथ-वे का निर्माण होता, तो सरकारी धन की यह बर्बादी नहीं होती।
यह घटना नगर निगम की इंजीनियरिंग शाखा और स्वच्छता शाखा के बीच समन्वय की कमी को भी उजागर करती है। एक शाखा निर्माण कार्य कराती है, जबकि दूसरी शाखा बिना पूर्व योजना के उसी निर्माण को तोड़कर सफाई अभियान चलाती है। इससे न केवल विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं, बल्कि सरकारी खजाने पर भी अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
गौरतलब है कि नगर निगम अक्सर अन्य विभागों और एजेंसियों पर बिना एनओसी के सड़क या पाथ-वे काटने और निर्माण कार्य को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाता रहा है। लेकिन पीएचईडी कॉलोनी की यह घटना सवाल खड़ा करती है कि जब नगर निगम की अपनी शाखाओं के बीच ही समन्वय नहीं है, तो जवाबदेही किसकी तय होगी?
