रांची, राज्य ब्यूरो। मनरेगा आयुक्त सिद्धार्थ त्रिपाठी ने मंगलवार को राज्य ग्रामीण विकास संस्थान (सर्ड) सभागार में जल शक्ति अभियान से संबंधित गतिविधियों को लेकर राज्य भर के मुखिया के साथ बैठक की। उन्होंने मुखिया को संबोधित करते हुए कहा कि जल संचयन अभियान में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि झारखंड सहित देश के कई इलाकों में भीषण जल संकट है। बीते कुछ साल में कई हिस्सों में पानी का ग्राउंड लेवल काफी नीचे चला गया है।

उन्होंने पिछले साल नीति आयोग द्वारा जारी 'समग्र जल प्रबंधन सूचकांक' का हवाला देते हुए कहा कि इस समय देश में 60 करोड़ लोग पानी की किल्लत का सामना कर रहे हैं। स्वच्छ जल की उपलब्धता नहीं होने से प्रत्येक वर्ष लगभग दो लाख लोगों की मौत पूरे देश में हो जाती है। जल संकट की इस समस्या को देखते हुए ही सरकार ने पहली जुलाई से जल शक्ति अभियान की शुरुआत की है। उन्होंने बताया कि इस दौरान पानी की कमी का सामना कर रहे जिलों में जल संरक्षण और रेन वाटर हार्वेस्टिंग के लिए अभियान चलाया जाएगा।

मनरेगा की राशि का इस्तेमाल परंपरागत तालाबों और जलाशयों का संरक्षण, भूजल रिचार्ज, वाटरशेड डवलपमेंट और वृक्षारोपण आदि में किया जा सकेगा। इस अभियान से गंभीर भूजल स्तर का सामना कर रहे सभी प्रखंडों को कवर किया जाएगा। साथ ही सभी प्रखंडों को जल सुरक्षा के उद्देश्य से ट्रेंच सह बंड निर्माण की योजना शुरू होगी। उन्होंने इस योजना को जन आंदोलन के रूप में बदलने का आह्वान मुखियागण से किया। कहा कि झारखंड पठारी क्षेत्र होने के कारण ट्रेंच सह बंड योजना जल संचयन के लिए काफी फायदेमंद साबित होगी। हरेक पंचायतों के हर गांव में कम से कम 15 एकड़ में ट्रेंच सह बंड का निर्माण किया जाएगा। इससे एक हेक्टेयर भूमि पर एक करोड़ लीटर पानी का संचयन किया जा सकेगा।

आयोजित होंगी ये पांच गतिविधियां

जल संरक्षण एवं वर्षा जल संग्रहण : यह कार्य मनरेगा योजना, झारखंड राज्य जलछाजन मिशन, लघु सिंचाई प्रभाग (जल संसाधन विभाग), अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, भूसंरक्षण प्रभाग, पंचायतीराज, जिला में उपलब्ध राशि एवं नगर विकास एवं आवास विभाग के संसाधनों से किया जाएगा।

तालाब एवं अन्य जलाशयों का जीर्णोद्धार : यह कार्य मनरेगा, भूसंरक्षण प्रभाग (कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग) द्वारा किया जाएगा।

जल छाजन विकास : यह कार्य झारखंड जलछाजन मिशन, मनरेगा तथा नाबार्ड की राशि से की जाएगी।

वृक्षारोपण कार्य : यह कार्य वन विभाग, बागवानी मिशन तथा मनरेगा द्वारा किया जाएगा।

Posted By: Sujeet Kumar Suman