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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 28, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

विधानसभा के मानसून सत्र में सीएनटी बिल पर हंगामे के आसार

By Sachin MishraEdited By:
Published: Wed, 28 Jun 2017 02:31 PM (IST)Updated: Wed, 28 Jun 2017 04:23 PM (IST)

झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र में सीएनटी-एसपीटी एक्ट पर हंगामे के आसार हैं।

विधानसभा के मानसून सत्र में सीएनटी बिल पर हंगामे के आसार
विधानसभा के मानसून सत्र में सीएनटी बिल पर हंगामे के आसार

राज्य ब्यूरो, रांची। राज्य विधानसभा का मानसून सत्र 11 जुलाई से आरंभ होगा। सत्र 17 जुलाई तक चलेगा। 17 जुलाई को राष्ट्रपति पद के लिए मतदान निर्धारित है। सत्र आहूत करने के लिए कैबिनेट व राजभवन की मंजूरी की औपचारिकता जल्द पूरी कर ली जाएगी। विधानसभा के पिछले सत्रों के दौरान सीएनटी-एसपीटी एक्ट पर मचा हंगामा मानसून सत्र में भी जारी रहने की उम्मीद है। 

बदली राजनीतिक परिस्थितियों में राज्यपाल ने सीएनटी-एसपीटी संशोधित बिल लौटा दिया है। सत्तापक्ष राजभवन के इस फैसले से बैकफुट पर है, जिसका फायदा विपक्ष उठाएगा। अगर इस दौरान फिर से बिल भेजने की कवायद राज्य सरकार ने की तो उसे विधानसभा में विधेयक पेश करना होगा।

सत्ताधारी भाजपा के तेवर कुछ यही दर्शाते हैं कि पांव पीछे खींचने की बजाय आपत्तियों का निराकरण कर नया विधेयक लाया जा सकता है। इस दौरान युद्धस्तर पर पार्टी के भीतर-बाहर रायशुमारी की जाएगी। मुख्य विपक्षी दल झारखंड मुक्ति मोर्चा ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए कहा है कि दोबारा बिल लाने पर कड़ा विरोध होगा।

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