रांची, राज्य ब्यूरो। खूंटी की एक नाबालिग को ऊंचे ख्वाब दिखाकर दिल्ली ले जाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। नाबालिग गर्भवती हुई तो उसे वापस भेज दिया गया। इस मामले में नाबालिग ने खूंटी के एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) में प्राथमिकी दर्ज कराई है। उसने मानव तस्करी व सामूहिक दुष्कर्म के आरोप खूंटी के बगड़ी निवासी जरनल मुंडा व दिल्ली के विकास चौहान पर लगाया है। इसकी जांच जारी है।

नाबालिग दिल्ली में करीब एक साल तक रही, लेकिन उसे मजदूरी के नाम पर एक भी  पैसे नहीं दिए गए।

खूंटी के अड़की थाना क्षेत्र की रहने वाली पीडि़ता अभी 17 साल की है। उसने एएचटीयू पुलिस के सामने बयान दिया है कि वर्ष 2017 में वह दुर्गापूजा के पहले कपड़ा खरीदने के लिए साइको बाजार गई थी। बाजार में ही उसे बगड़ी गांव का जरनल मुंडा मिला।

वह उसे अच्छा कपड़ा, खाना व पैसे का लालच देकर खूंटी ले गया और फिर खूंटी से रांची ले गया। इसके बाद रांची से ट्रेन में दिल्ली ले गया। दिल्ली में उसे विकास चौहान के कार्यालय में रखा, जहां से उसे एक सप्ताह बाद एक घर में घरेलू नौकरानी के काम पर लगवा दिया।

एक महीने के बाद उसे फिर उसी कार्यालय में लाया गया, जहां वह दो सप्ताह तक रही। इस दरम्यान एक दिन विकास चौहान ने उसके साथ दुष्कर्म किया। वहीं पर जरनल मुंडा ने भी दुष्कर्म किया। दोनों ने लड़की के साथ मारपीट भी की और दो सप्ताह बाद फिर दूसरे घर में घरेलू नौकरानी के काम में लगाया। वहां नाबालिग करीब सात महीने तक रही।

अप्रैल-मई के महीने में विकास चौहान उसे दो-तीन दिनों के लिए अपने घर में ले गया और दुष्कर्म किया। इसके बाद उसी जहां वह काम करती थी उस घर में पहुंचा दिया। करीब डेढ़-दो महीने बाद जब पीडि़ता की तबीयत खराब होने लगी तो घर मालकिन ने विकास चौहान से कहकर उसे वापस भेज दिया। ऑफिस में डेढ़-दो महीने रखने के बाद विकास चौहान ने उसे फिलिप नाम के लड़के के साथ खूंटी भेज दिया।

दोनों चार अक्टूबर को खूंटी पहुंचे। खूंटी में छोड़कर फिलिप दिल्ली लौट गया। इसके बाद पीडि़ता अपने घर पहुंची। उसने एएचटीयू थाने को बताया है कि वह दिल्ली में एक साल तक रही, लेकिन उसे मजदूरी के भी पैसे नहीं दिए गए। अब वह मां बनने वाली है।

Posted By: Alok Shahi