रांची, राज्य ब्यूरो। Jharkhand Crime News नशे के खिलाफ पूरे देश में ठोस योजना बनेगी। मादक पदार्थों की तस्करी रुके, इसके तस्कर सलाखों तक पहुंचें, पुलिस की कारगर कार्रवाई हो, इससे संबंधित कांडों का त्वरित निष्पादन हो और सभी राज्य आपसी समन्वय से इसके विरुद्ध कार्रवाई करें सहित इससे जुड़े विभिन्न मुद्दों पर आज केंद्रीय गृह सचिव वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी राज्यों के साथ बैठक करेंगे। नारकोटिक्स के विरुद्ध गुरुवार को प्रस्तावित बैठक महत्वपूर्ण बताई जा रही है। इस बैठक में झारखंड पुलिस से एडीजी अभियान संजय आनंदराव लाठकर, आइजी सीआइडी असीम विक्रांत मिंज व एसपी साइबर अपराध कार्तिक एस. मौजूद रहेंगे।

झारखंड पुलिस करेगी 30 लाख रुपये की मांग

जानकारी के अनुसार इस बैठक में झारखंड पुलिस नारकोटिक्स लैब के 30 लाख रुपये की वापसी का भी आग्रह करेगी, जो उपयोग नहीं होने के चलते गत वित्तीय वर्ष में लौट गई थी। इस राशि से नारकोटिक्स जांच से संबंधित उपकरणों की खरीद होनी है, जिसे राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला परिसर में ही स्थापित किया जाना है। नारकोटिक्स लैब बनने से यह होगा कि जब्त पदार्थों की फोरेंसिक जांच के लिए झारखंड पुलिस को दूसरे लैब पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। झारखंड के पास वैज्ञानिक पर्याप्त हैं, उपकरणों की खरीद होने से लैब सुचारू हो जाएगा।

जिलों से सीआइडी को मिली रिपोर्ट

जिलों में मादक पदार्थ के विरुद्ध हुई कार्रवाई से संबंधित रिपोर्ट सीआइडी को मिल गई है। केंद्रीय गृह सचिव की बैठक में शामिल होने के पूर्व सीआइडी ने सभी जिलों से रिपोर्ट मांगी थी ताकि अपडेट आंकड़े के साथ बैठक में शामिल हो सके।

एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स भी है गठित

राज्य में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स भी गठित है, जिसे नशीले पदार्थ की तस्करी रोकने की पूरी जिम्मेदारी है। इसके प्रमुख सीआइडी के एडीजी या आइजी हैं। इन्हें गोपनीय सूचना लेने, तस्करों के विरुद्ध छापेमारी करने, गुणवत्ता पूर्ण अनुसंधान करने और आरोपितों को सख्त सजा दिलाने तक की जिम्मेदारी है।

Edited By: M Ekhlaque

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