रांची, राज्य ब्यूरो। रांची में रेलवे जोनल ऑफिस की मांग राज्यपाल, मुख्यमंत्री, सांसद से लेकर विभिन्न स्तर के नेता कर चुके हैं। हम निश्चित तौर पर बोर्ड की बैठक में इस विषय पर चर्चा कर निर्णय लेंगे। यह बातें रेल राज्यमंत्री सुरेश अंगड़ी चनबसप्पा ने रांची में कही। वह रविवार को रांची में आयोजित रेलवे के 64वें राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह व रेलवे प्रदर्शनी का उद्घाटन व सम्मान समारोह में शामिल होने यहां आए थे।

उन्होंने कहा कि रेलवे सुरक्षा को प्राथमिकता देता है और नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सुरक्षा मानकों को और बढ़ाया गया है। निजीकरण के सवाल पर उन्होंने साफ तौर से इन्कार कर दिया और कहा कि ऐसी कोई बात ही नहीं है। प्रतिस्पद्र्धी वातावरण के निर्माण के लिए कई इलाकों में रेल की कुछ सेवाओं में प्राइवेट पार्टी आगे आए हैं लेकिन रेलवे का निजीकरण नहीं हो रहा है। कर्मचारियों को दी जा रही सुविधाओं में कटौती और झारखंड में हो रही परेशानी को लेकर मंत्री ने कहा कि जीएम भी साथ में ही हैं और मैं इनके सामने ही कह रहा हूं कि अगर कर्मचारियों की सुविधाओं की अनदेखी हुई तो अधिकारी जिम्मेदार होंगे।

कर्मचारी आवासों को दुरुस्त करने और कॉलोनी में सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश उन्होंने दिया। रेल मंत्री ने झारखंड से सर्वाधिक राजस्व मिलने के बावजूद अनदेखी के सवाल पर कहा कि पूरा देश एक ही है और नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हम इसी संदेश को आगे बढ़ा रहे हैं। देश में प्रतिदिन 2.35 करोड़ लोग रेलवे से यात्रा करते हैं और इन्हें बेहतर और सुरक्षित सुविधाएं मुहैया कराने के लिए रेलवे तत्पर है।

Posted By: Sujeet Kumar Suman

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