जागरण संवाददाता, रांची: दैनिक जागरण, फेसबुक और रेडियो सिटी की ओर से देश के 10 चुनिंदा शहरों में चलाए जा रहे माई सिटी माई प्राइड अभियान के तहत शनिवार को दैनिक जागरण कार्यालय में राउंड टेबल कांफ्रेंस का आयोजन किया गया। इसमें शहर के अलग-अलग क्षेत्रों के बुद्धिजीवियों ने राजधानी को सुंदर और शानदार बनाने का खाका खींचा। इस दौरान व्यवस्था में बदलाव से लेकर विजन के साथ योजनाएं बनाए जाने की बात न सिर्फ पुरजोर तरीके से उठाई गई, बल्कि अबतक के गतिरोधों को लेकर टीस भी साफ दिखाई दी। शहर के प्रति चिंता और अपने-अपने मुद्दों, विचारों और अपेक्षाओं की बातें तर्कों के दम पर मजबूती के साथ आई तो बहस कई बार तीखी भी हुई, लेकिन फिर विकास और मकसद की बात सामने आते ही चर्चा फिर एक दिशा में बढऩे लगी। 

वयोवृद्ध चिंतक अयोध्या नाथ मिश्र ने जहां प्लानिंग की कमी के लिए जिम्मेदारों को गलत ठहराया वहीं उन्होंने विजन की कमी और अनप्लांड प्लानिंग को समस्या की मूल वजह बताया। अतिक्रमण, भ्रष्टाचार से लेकर जागरूकता की कमी और नागरिक जिम्मेदारियों के अहसास की कमी का भी सवाल उठा। डॉक्टर सुशील कुमार ने उद्योगों और विकास में आड़े आ रहे झारखंड के सीएनटी-एसपीटी एक्ट की चर्चा की। वहीं बिजली और पानी के संकट को भी उन्होंने शहर के लिए गंभीर समस्या बताया।

 

रवि अग्रवाल ने सड़क जाम और प्रदूषण की समस्या को शहर के विकास और रफ्तार में बाधक बताया। उन्होंने कहा कि प्रदूषण फैलाने वाली गाडिय़ों का सड़क पर चलना भी भ्रष्टाचार और लापरवाही का नमूना बताया। खाद्य सुरक्षा आयोग की सदस्य रंजना कुमारी ने विभागों में आपसी तालमेल की कमी को अनियोजित विकास और परेशानियों की बड़ी वजह बताया। डॉ. सुब्रतो कुमार सिन्हा, सचिन कुमार और सुमित मित्तल ने जागरूकता से लेकर सीवरेज ड्रेनेज पर चल रहे काम की खामियों आदि पर चर्चा की। महिला थाना में महिलाओं के साथ अच्छे व्यवहार का भी मसला उठा। विमर्श में अरुण वर्णवाल, वीएन चौधरी, राजीव कमल बिïट्टू, ओंकार नाथ राय आदि ने भी इस संबंध में अपने तर्क रखे।

By Gaurav Tiwari