जागरण संवाददाता, रांची : दिल्ली से लौटने के बाद मेयर डा. आशा लाकड़ा ने एक बार फिर रांची नगर निगम के नगर आयुक्त मुकेश कुमार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि 30 सितंबर को स्थाई समिति व निगम परिषद की बैठक का आयोजन किया गया था। इस मीटिंग के हुए दो माह का समय पूरा हो चुका है। अभी तक इस मीटिंग की प्रोसीडिग भी तैयार की जा चुकी है। लेकिन लापरवाही का आलम यह रहा कि अब तक प्रोसीडिग की संपुष्टि नहीं हो पाई है। इसके कारण स्थाई समिति व परिषद की बैठक में लिए गए निर्णय और शहर की विकास की योजनाएं लंबित हैं। मेयर ने नगर आयुक्त को पत्र भी लिखा है और इसमें कहा है कि 19 मार्च व 19 अप्रैल 2021 को हुई स्थाई समिति की बैठक, 25 व 27 मार्च, 8 जुलाई, 27 व 30 सितंबर को हुई निगम बोर्ड की बैठक से संबंधित प्रोसीडिग पर मेयर द्वारा दिए गए दिशा-निर्देश का अनुपालन कर संबंधित फाइलें उपलब्ध कराएं। मेयर ने यह भी कहा कि झारखंड नगरपालिका अधिनियम की धारा 86 के तहत कार्यवृत्त की कार्यवाही पर पीठासीन पदाधिकारी के द्वारा हस्ताक्षर किया जाना है और इसे 7 दिनों के अंदर राज्य सरकार को भेजा जाना है। लेकिन अब तक ऐसा नहीं हुआ। मेयर ने नगर आयुक्त को निर्देश दिया है कि नगर निगम के सहायक अभियंता शिव शंकर की सेवा अवधि विस्तार की कार्य वृत्ति पर रोक लगाई जाए। झारखंड नगरपालिका जल कार्य जल संयोजन नियमावली पर भी रोक लगाई गई है।

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