गुमला, जासं। माओवादी पोलित ब्यूरो सदस्य प्रशांत बोस और उनकी पत्नी शीला मरांडी की गिरफ्तारी के विरोध में प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी ने झारखंड समेत 3 राज्यों में बंद का अह्वान किया था। तीन दिनों तक गुमला जिला में शांतिपूर्ण ही बंद रहा। लेकिन गुरुवार को बंद की अंतिम रात चैनपुर प्रखंड स्थित कुरुमगढ़ थाना की नई बिल्डिंग को विस्फोट कर माओवादियों ने उड़ा दिया। घटना की सूचना मिलने पर शुक्रवार की सुबह पुलिस बल मौके पर पहुंची। जानकारी के अनुसार 70-80 की संख्या में माओवादी गुरुवार की रात कुरुमगढ़ के निर्माणाधीन थाना पहुंचे। वहां सो रहे मजदूरों को पहले थाना बिल्डिंग से बाहर निकाला और जिलेटिन लगाकर थाना बिल्डिंग को उड़ा दिया गया। तेज विस्फोट के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया।

रात होने के कारण किसी की हिम्मत घटनास्थल तक जाने की नहीं हुई। थाना भवन निर्माणाधीन होने के कारण थाना का काम स्कूल में चलता था। यहां बता दें कि तीन दिनों की बंदी में जिले के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बसों का परिचालन पूरी तरह से बाधित था। सड़कें सुनसान थीं। बाजार बंद थे। यहां तक की पेट्रोल पंप भी पूरी तरह से बंद थे। क्षेत्र के लोगो के पास पेट्रोल नहीं होने के कारण उनके वाहन जहां तहां खड़े हो गए थे। गुमला शहरी क्षेत्र से भी लंबी दूरी की बसें बंद कर दी गई थीं।

उधर बंदी के अंतिम दिन गुरुवार की रात लातेहार जिले के बालूमाथ चतरा मुख्य पथ पर बरनी जंगल में एक कोयला लदा ट्रक बीआर 26 जीए 9588 में अज्ञात लोगों द्वारा आग लगा दी गई थी। इससे ट्रक पूरा धू-धू कर जल गया। आग लगने की सूचना राहगीरों द्वारा बालूमाथ थाना पुलिस को दी गई। बालूमाथ थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुमार महतो दल बल के साथ पैदल घटनास्थल पर पहुंचे। आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। तीन दिवसीय माओवादी बंदी होने के कारण यह आशंका लगाई जा रही है कि माओवादियों द्वारा ही आग लगाई गई है। लेकिन एनएच 99 मुख्य सड़क पर जहां ट्रक खड़ी है राहगीरों ने बताया कि वहां किसी भी तरह का कोई हलचल नहीं थी। पुलिस हर पहलू पर नजर रखते हुए फूंक-फूंक कर कदम रख रही है।

Edited By: Kanchan Singh