रांची, राज्य ब्यूरो। माओवादियों के ईस्टर्न रीजनल ब्यूरो के सचिव प्रशांत बॉस और उनकी पत्नी शीला मरांडी को सरायकेला से गिरफ्तार कर लिया गया है। सात राज्यों के प्रमुख प्रशांत बॉस भाकपा माओवादी के पोलित ब्यूरो मेंबर हैं और उस पर एक करोड़ रुपये का इनाम है। पुलिस सूत्रों ने प्रशांत बोस की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। सरायकेला के कुख्यात उग्रवादी महाराज प्रमाणिक की निशानदेही पर झारखंड पुलिस की टीम ने प्रशांत बोस को सरायकेला से दबोचा है।

महाराज प्रमाणिक दो माह पहले झारखंड पुलिस के सामने अनधिकृत रूप से आत्मसमर्पण कर चुका है। उसकी निशानदेही पर झारखंड पुलिस को यह बड़ी सफलता हाथ लगी है। यही वजह है कि महाराज प्रमाणिक को अधिकृत रूप से आत्मसमर्पण नहीं कराया जा रहा है। वह माओवादियों का जोनल कमांडर है। इस पर 10 लाख रुपये का इनाम था।

प्रशांत बोस सात राज्‍यों झारखंड, बिहार, आंध्रप्रदेश, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, ओड‍िशा और महाराष्‍ट्र का प्रमुख है। झारखंड पुलिस को नक्‍सलियों और माओवादियों के खिलाफ लगातार सफलता मिलती जा रही है। इससे राज्‍य में नक्‍सल इलाके कम होते जा रहे हैं। साथ ही पहले जैसी नक्‍सली घटनाएं भी कम हो गई हैं।

प्रशांत बोस को कई नाम से जाना जाता है। इसे किसन दा, महेश आदि‍ नाम से भी पुकारा जाता है। प्रशांत बोस एक करोड़ का इनामी तीसरा माओवादी है, जो गिरफ्तार हुआ है। इससे पहले एक करोड़ का इनामी अरविंद जी बूढ़ा पहाड़ पर बीमारी से मर गया था। एक करोड़ का इनामी सुधाकर उर्फ सुधाकरण ने तेलंगाना सरकार के सामने अपनी पत्नी नीलिमा (25 लाख की इनामी) के साथ आत्मसमर्पण किया था।

Edited By: Sujeet Kumar Suman

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