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सलोनी, रांची। योग वेदों के जमाने से चला आ रहा है। आज के चिकित्सा शोधों ने यह साबित कर दिया है कि योग शारीरिक और मानसिक रूप से मानव के लिए वरदान है। योग शरीर और मन दोनों को खुशहाल और प्रफुल्लित बनाता है। यह शारीरिक और मानसिक विकास के लिए फायदेमंद है। योग संपूर्ण रूप से शरीर की बीमारियों को भी दूर रखता है।

योग इंस्ट्रक्टर बिसवाजय चौधरी के अनुसार व्यायाम और योग में अंतर होता है। व्यायाम निरंतर प्रक्रिया है, जिसमें मांसपेशियां को खींचा जाता है और इसमें अलग-अलग अंग के लिए अलग-अलग व्यायाम होते हैं। योग में जब कोई आसन करते हैं, तो उस मुद्रा को 5-10 सेकंड के लिए रोक कर रखना पड़ता है। व्यायाम और योग में यही बुनियादी अंतर है। योग आनुवांशिक रोगों को भी नियंत्रित करने में मदद करता है।

रोजाना योग करने से रक्तचाप, मधुमेह तथा अस्थमा जैसी जानलेवा बीमारियां दूर रहती हैं। हाल के दिनों में योग को लेकर हुए शोध से कई लोगों के स्वास्थ्य में अप्रत्याशित सुधार होता पाया गया है। अगर शुरू से ही योग का उचित तरीके से प्रशिक्षण दिया जाए, तो जीवन में स्थिरता का विकास संभव है। विदेशों में योग को नियमित जीवनशैली के रूप में लोगों ने अपना लिया है। वहां इसके लिए विशेष प्रशिक्षण शिविर भी नियमित तौर पर आयोजित किए जाते हैं। विश्व में बढ़ती योग की लोकप्रियता ने भारत का नाम भी बढ़ाया है।

मन और शरीर के बीच रखता है समन्वय

योग पूरे शरीर को संतुलित रखता है। शरीर को डीटॉक्स करने में भी योग का बहुत महत्व है। योग मन और शरीर के बीच समन्वय बनाने में मदद करता है। डॉ. एमके दीक्षित ने बताया कि कई बीमारियों के दुष्प्रभाव को कम करने में योग बहुत कारगर है। इससे शरीर और मन दोनों सक्रिय हो जाते हैं। यह एक ऐसी सुलभ एवं प्राकृतिक पद्धति है, जिससे स्वस्थ मन व शरीर के साथ अनेक आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किए जा सकते हैं। योग के प्रमुख प्राणायाम है भस्त्रिका प्राणायाम, कपाल भाती, अनुलोम विलोम, नाड़ी शोधन, भ्रामरी, ओम उच्चाराण एवं ध्यान।

योग के हैं कई फायदे

-इससे शरीर के समस्त अंगों और ग्रंथियों का व्यायाम होता है, जिससे शरीर के सारे अंग सुचारू रूप से कार्य करने लगते हैं।

-रोजाना योगाभ्यास से रोगों से लड़ने की शक्ति बढ़ती है।

-योग से एक दुबला-पतला व्यक्ति भी बलवान एवं ताकतवर बन सकता है। वहीं दूसरी ओर नित्य अभ्यास से मोटापा भी कम होता है।

-योग ध्यान के लिए अति महत्वपूर्ण है।

-योग से खतरनाक बीमारियां जैसे कि मधुमेह, रक्तचाप और अस्थमा का लेवल कम होता है।

-अध्ययन से पता चला है कि योगासन के द्वारा आर्थराइटिस, बैक पेन आदि के दर्द में सुधार होता है।

-योग शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है।

-योग करने से जीवन में स्थिरता का विकास होता है।

-योग करने से मन शांत रहता है और दिनभर स्फूर्ति बनी रहती है।

-जीवन में आनंद का संचार होता है।

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Posted By: Sachin Mishra

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