रांची, डिजिटल डेस्क। झारखंड के मांडर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी शिल्पी नेहा तिर्की चुनाव जीत गई हैं। वह पूर्व मंत्री बंधु तिर्की की पुत्री हैं। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी गंगोत्री कुजूर को हरा दिया है। एआइएमआइएम प्रत्याशी देव कुमार धान तीसरे नंबर पर चले गए हैं। मालूम हो कि झारखंड सरकार के मंत्री रहे बंधु तिर्की को एक मामले में कोर्ट से सजा होने के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता रद कर दी गई थी। इसके बाद चुनाव आयोग ने इस सीट पर चुनाव कराया। कांग्रेस ने बंधु तिर्की की पुत्री शिल्पी नेहा तिर्की को मैदान में उतारा था। अंतत: यह सीट बंधु तिर्की के घर में ही चली गई है। यानी उनकी बेटी शिल्पी नेहा तिर्की चुनाव जीत गई हैं। शिल्पी नेहा तिर्की 23287 वोटों से चुनाव जीत गईं।

मैं हार की जिम्मेदारी लेती हूं : गंगोत्री कुजूर

मालूम हो कि 15वें राउंड के बाद जैसे जैसे शिल्पी नेहा तिर्की बढ़त बनाती गई भाजपा प्रत्याशी गंगोत्री कुजूर मतगणना स्थल से घर वापस लौट गईं। भाजपा कैंप में सन्नाटा पसर गया। गंगोत्री कुजूर ने मीडिया से कहा कि 8000 वोटर वोट देने से वंचित रह गए। अगर उन्होंने वोट दिया होता तो उन्हें जरूर फायदा होता। उन्होंने मतगणना को लेकर सवाल भी उठाया। इसकी लिखित शिकायत भी दी। कहा कि जनता का फैसला मान्य है। हार की जिम्मेवारी लेती हूं। संगठन के लिए काम करती रहूंगी। जनता का साथ मुझे मिला है। गंगोत्री ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से कुछ बूथ में दोबारा मतदान कराने का अनुरोध किया है।

भाजपा ने फंसाया, जनता ने कर दिया इंसाफ : बंधु तिर्की

उधर, कांग्रेस नेता बंधु तिर्की ने मीडिया से कहा कि बेटी शिल्पी नेहा तिर्की की शानदार जीत के लिए मांडर विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं का वह आभार व्यक्त करते हैं। वोटरों ने तय कर दिया कि भाजपा की साजिश काम नहीं आई। भाजपा ने उन्हें जानबूझ कर फंसाया था। इसी कारण उनकी सदस्यता चली गई। लेकिन वोटरों ने उनके साथ इंसाफ कर दिया। बंधु तिर्की ने कांग्रेस, झामुमो, राजद और गठबंधन में शामिल सभी दलों के नेताओंं का आभार जताया। कहा कि सभी के प्रयास से यह जीत सुनिश्चित हुई है। भाजपा की बुरी तरह हार हुई है। उसे मुंहकी खानी पड़ी है।

यहां काम न आया असदुद्दीन ओवैसी का भाषण

इस सीट से भाजपा के बागी देव कुमार धान एआइएमआइएम के समर्थन से चुनाव लड़ रहे थे। वह तीसरे स्थान पर रहे। उनके पक्ष में असदुृद्दीन ओवैसी ने चुनाव प्रचार किया था। ओवैसी की जनसभा के बाद यह माना जा रहा था कि चुनाव में ध्रुवीकरण होगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अल्पसंख्यक बहुल इस सीट पर मुस्लिम वोटरों ने देव कुमार धान के पक्ष में मतदान नहीं किया। मुस्लिम वोटरों ने कांग्रेस के पक्ष में मतदान किया। वह मान कर चलते रहे कि भाजपा से ही उनकी लड़ाई है।

टीम वर्क के कारण मेरी जीत हुई : शिल्पी नेहा तिर्की

उधर, मीडिया से बात करते हुए शिल्पी नेहा तिर्की इस जीत को टीमवर्क बताया। कहा कि कहीं न कहीं उनके पिताजी बंधु तिर्की उनमें विधायक का गुण जरूर देखते थे, इसलिए उसे उन्होंने मुझे प्रत्याशी बनाया। नेहा ने कहा कि वह बाबा के सपनों को पूरा करेंगी। इनके कार्यकाल में जो भी अधूरे काम हैं, चाहे क्षेत्र में निर्माण कार्य हो या राज्य से जुड़े अन्य कार्य, उसे पूरा करेंगी। नेहा ने कहा कि उन्हें इस चुनाव को लेकर कभी भी डर नहीं लगा था। वह काफी भरोसा था कि वह चुनाव जरूर जीतेंगी, क्योंकि उनका जो एजेंडा था, उनकी जो सोच थी, वह जनता से जुड़ी थी

Edited By: M Ekhlaque