रांची, जासं। कोरोना वायरस संक्रमण के बीच लाॅकडाउन में पूरा देश घरों में बंद रहा। मगर अब वैक्सीन के आने की खबर के बाद लोग थोड़े आश्‍वस्‍त हो गए हैं और सावधानी व सुरक्षा के बीच छुट्टियां मनाने से गुरेज नहीं कर रहे हैं। लोग देश और विदेश के पर्यटक स्थलों पर परिवार के साथ छुट्टी मनाने के लिए जा रहे हैं। केवल नवंबर से दिसंबर के महीने में रांची से करीब 125 लोग हनीमून मनाने के लिए मालदीव गए।

वहीं बड़ी संख्या में लोग गोवा, केरल, नार्थ-ईस्ट भी छुट्टियां मनाने के लिए गए। नव वर्ष व क्रिसमस पर कई लोग अपने परिवार के साथ टूर का पैकेज लेकर देश घूमने निकल पड़े। रांची के लोगों के लिए मालदीव के बाद सबसे पसंदीदा जगह दुबई है। बड़ी बात यह है कि लाॅकडाउन के वक्त भी लोगों का दुबई आना जाना चालू रहा है।

रांची के एक टूर कंपनी के मालिक बताते हैं कि लाॅकडाउन के दौरान जब सभी देशों ने अपनी विमान सेवा को बंद कर दिया था तो दुबई एकमात्र ऐसा देश था जहां के लिए फ्लाइट थी। ऐसे में अगर किसी को इंग्लैंड जाना हो या इंग्लैंड से आना हो तो वह दुबई के रास्ते रांची पहुंच सकता था। हालांकि इसके लिए यात्री के पास नौ घंटे पूर्व की कोरोना टेस्ट निगेटिव रिपोर्ट होनी जरूरी थी। फिर इमिग्रेशन के वक्त भी यात्री की पूरी जांच की जाती थी।

मालदीव और दुबई पसंदीदा जगह

मालदीव और दुबई के पर्यटन के लिए पसंदीदा जगह बनने की सबसे बड़ी वजह यहां कोरोना वायरस संक्रमण का खतरा सबसे कम होना है। मालदीव द्वीप समूह, आधिकारिक तौर पर मालदीव गणराज्य, हिंद महासागर में स्थित एक द्वीप देश है, जो मिनिकॉय आइलैंड और चागोस आर्किपेलेगो के बीच 26 प्रवाल द्वीपों की एक दोहरी चेन है। इसका फैलाव लगभग भारत तक है। इस स्थान पर साफ-सफाई और सैनिटाइजेशन के इंतजाम इस तरह किए गए हैं कि यहां कोरोना के संक्रमण को पूरी तरह से नियंत्रित कर लिया गया है। वहीं दुबई ने अपनी हाइटेक सैनिटाइजेशन और बड़े पैमाने पर हुए टेस्टिंग से कोरोना संक्रमण पर विजय प्राप्त की है।

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