रांची, जासं। अरगोड़ा थाना क्षेत्र के अशोकनगर रोड नंबर-एक स्थित साधना न्यूज चैनल के कार्यालय में दो कारोबारी अग्रवाल बंधुओं की गोली मारकर हत्या मामले के मुख्य आरोपित लोकेश चौधरी के दोनों अंगरक्षक सुनील सिंह और धर्मेंद्र तिवारी को चार दिनों के लिए रिमांड पर लिया गया। रिमांड पर लेने के बाद दोनों से पूछताछ की जा रही है। वहीं घटना में इस्तेमाल हथियार की बरामदगी के लिए देर रात तक छापेमारी की गई।

खबर है कि घटना में प्रयुक्त हथियार को पुलिस ने बरामद कर लिया है। हालांकि पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है। रिमांड पर लेने के बाद सुनील से हुई पूछताछ में बताया है कि पहली गोली एमके सिंह ने डराने के लिए मारी थी। इसके बाद पहले महेंद्र की गोली मारकर हत्या कर दी गई, फिर धर्मेंद्र तिवारी ने हेमंत की गोली मारकर हत्या कर दी। धर्मेंद्र से भी पुलिस अलग से पूछताछ कर रही है। 

लोकेश के घर कुर्की में हिचक रही पुलिस
घटना के मुख्य आरोपित लोकेश को पकडऩे में अरगोड़ा पुलिस हांफ रही है। बताया जा रहा है कि अरगोड़ा पुलिस कुर्की की कार्रवाई में हिचक रही है। इसी वजह से घटना के 19 दिनों बाद भी लोकेश पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। कोर्ट से कुर्की वारंट मिलने के बाद भी कार्रवाई नहीं की जा रही है। इस मामले में अब तक तीन लोग जेल जा चुके हैं। लोकेश और आइबी ऑफिसर बन रुपये उड़ाने की कोशिश करने वाला एमके सिंह फरार है। 

ये बताया घटनाक्रम
पुलिस की पूछताछ में सुनील ने बताया कि छह मार्च की शाम साधना न्यूज चैनल के कार्यालय में लोकेश के बुलावे पर दोनों अग्रवाल बंधु पहुंचे थे। वे लोकेश को देने के लिए 25 लाख लेकर पहुंचे थे। पैसा लेन-देन की बात चल रही थी, इसबीच वहां लोकेश का मित्र मेधावी कल्पतरू सिंह उर्फ एमके सिंह लोकेश के एक अन्य अंगरक्षक धर्मेंद्र कुमार तिवारी के साथ आइबी अधिकारी बनकर पहुंचा।

धर्मेंद्र के पास प्वाइंट 315 बोर की बंदूक थी। एमके सिंह और धर्मेंद्र ने कहा कि सारे पैसे जब्त कर लिए गए हैं, पूरा पैसा हमारे हवाले कर दो। इतने में दोनों अग्रवाल बंधु अपने पैसे समेटने लगे। इसबीच धर्मेंद्र तिवारी ने डराने के लिए लगातार दो फायरिंग की।  फायरिंग के बाद दोनों भाई इस साजिश को समझ गए। इस दौरान महेंद्र अग्रवाल एमके सिंह से हाथापाई करने लगा।

एमके सिंह ने अंगरक्षक सुनील कुमार के पास से रिवाल्वर ली और महेंद्र अग्रवाल की दो गोलियां मारकर हत्या कर दी। इतने में बड़ा भाई हेमंत अग्रवाल शोर मचाने लगा। इस पर धर्मेंद्र तिवारी ने अपनी बंदूक से हेमंत की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद वहां रखे 25 लाख लेकर लोकेश एमके सिंह व अन्य के साथ भाग निकला। इसी पूछताछ के आधार पर धर्मेंद्र तिवारी से भी पूछताछ की जा रही है।

Posted By: Alok Shahi