लोहरदगा, जासं। हिंसाग्रस्‍त लोहरदगा जिले में 23 जनवरी से जारी कर्फ्यू में बड़ी राहत देते हुए पुलिस प्रशासन ने शुक्रवार को कर्फ्यू में कुल 7 घंटे की ढील दी है। इसके तहत सुबह 8:30 बजे से लेकर दोपहर 12:00 बजे तक और दोपहर 2:00 बजे से लेकर शाम 5:30 बजे तक के लिए कर्फ्यू में ढील दी गई है। इस दौरान लोग अपने सामानों की खरीदारी के लिए घर से बाहर निकल पाएंगे। सरकारी कार्यालय भी आम लोगों के लिए खुला रखा गया है। यहां सामान्‍य कामकाज शाम तक जारी रहेगा। जनमानस की समस्‍याओं का त्‍वरित निपटारा किया जा रहा है।

हिंसाग्रस्‍त लोहरदगा के सेन्हा प्रखंड के बदला गांव पहुंचकर शांति बनाए रखने की अपील करतीं लोहरदगा की उपायुक्त आकांक्षा रंजन।

कर्फ्यू का नौवां दिन : खरीदारी को लेकर सड़क पर निकले लोग

हिंसाग्रस्‍त लोहरदगा जिले में कर्फ्यू के नौवें दिन जब लोगों को कर्फ्यू से ढील दी गई तो लोग जरूरत के सामान की खरीदारी के लिए सड़क पर निकल पड़े। लोगों ने दवा, रसोई गैस, सब्जियां, खाद्यान्न सहित अन्य सामानों की खरीदारी की  कर्फ्यू में ढील का समय शुरू होते ही लोग सड़क पर नजर आने लगे। कोई दूध खरीदने को लेकर डेयरी की ओर जा रहा था, तो कोई दवाओं की खरीद के लिए दवा के लिए। इस दौरान ट्रेन से रांची भी गए।

यात्री रेलगाड़ी में काफी कम भीड़ दिखी। सब्जी बाजार की ओर भी लोगों को देख जाते देखा गया। हालात अब धीरे-धीरे सामान्य होने लगे हैं। कर्फ्यू में ढील के दौरान भी लोगों पर पुलिस प्रशासन की नजर बनी रही। ड्रोन कैमरे की सहायता से लगातार चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है। लोगों को कर्फ्यू में ढील के दौरान भी भीड़ लगाने की इजाजत नहीं है।

अनावश्यक रूप से घर से बाहर नहीं निकलने को कहा गया है। संवेदनशील इलाकों में भी पुलिस की नजर है। प्रशासनिक अधिकारी लगातार क्षेत्र का दौरा करते हुए हालात का जायजा ले रहे हैं। कर्फ्यू में ढील के दौरान स्थिति की समीक्षा के उपरांत ही अगले दिन को लेकर प्रशासनिक अमला कोई भी फैसला लेता है।

हिंसाग्रस्‍त लोहरदगा में कर्फ्यू के नौवें दिन ढील के बाद सरकारी कार्यालयों में कामकाज शुरू हो गया।

साथ ही सरकारी कार्यालयों के खुले रहने से लोग कर्फ्यू में ढील के दौरान जरूरी काम के लिए सरकारी कार्यालय भी जा सकेंगे। सरकारी कर्मचारियों को कार्यालय अवधि में अपने-अपने कार्यालयों में रहने को पहले ही कहा जा चुका है। धान क्रय केंद्र को भी शुक्रवार से खोला जा रहा है। ऐसे में लोग कर्फ्यू में ढील के समय में धान क्रय केंद्र में पहुंचकर धान की बिक्री भी कर पाएंगे।

कर्फ्यू के नौवें दिन जिला प्रशासन द्वारा लोगों को राहत प्रदान करते हुए कुल 7 घंटे की ढील दी गई है। इस प्रकार से जनजीवन को सामान्य बनाने को लेकर जिला प्रशासन ने फिर एक बड़ी पहल की है। कर्फ्यू में ढील मिलने से जनजीवन को काफी हद तक सामान्य बनाया जाता है।

लोग दवा सहित अन्य जरूरत के सामान की खरीद के लिए घर से बाहर निकलने को स्वतंत्र होंगे। हालांकि कर्फ्यू में ढील के समय सभी लोगों को जिला प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करना होगा। ज्यादा देर तक एक स्थान पर लोग खड़े नहीं रह पाएंगे। साथ ही भीड़ लगाने पर भी मनाही की गई है।

हालात हो रहे सामान्य, शांति की ओर कदम बढ़ा रहा लोहरदगा

लोहरदगा जिले में विगत 23 जनवरी को लगाए गए कर्फ्यू के बाद अब हालात सामान्य हो रहे हैं। लोहरदगा धीरे-धीरे कदम बढ़ा रहा है। जनजीवन पटरी पर लौटने लगा है। कर्फ्यू के नौवें दिन आम जनजीवन काफी हद तक सामान्य होता नजर आ रहा है। हालांकि सुरक्षा व्यवस्था अब भी चाक-चौबंद बनी हुई है। ड्रोन कैमरा के साथ-साथ पुलिस बल और अर्धसैनिक बल के जवान शहर के चप्पे-चप्पे में फैले हुए हैं।

ग्रामीण इलाकों में भी पुलिस बल के जवानों को तैनात किया गया है। ड्रोन कैमरे की सहायता से लगातार निगरानी की जा रही है। लोगों से जनजीवन को सामान्य बनाने को लेकर सहयोग भी किया जा रहा है। रांची जोन के आईजी नवीन कुमार सिंह, डीआईजी एवी होमकर, डीसी आकांक्षा रंजन, एसपी प्रियदर्शी आलोक सहित अन्य अधिकारी लगातार शहर में निगरानी बनाए हुए हैं।

एसआईटी के माध्यम से भी दोषियों के खिलाफ कार्रवाई को तेज कर दिया गया है। धीरे- धीरे कर जनजीवन न सिर्फ सामान्य हो रहा है, बल्कि लोहरदगा को हिंसा की आग में झोंकने वाले लोग अब सलाखों के पीछे भी पहुंचना शुरू हो चुके हैं। लोहरदगा जिले में जिला प्रशासन ने समीक्षा के उपरांत शुक्रवार को कुल 7 घंटे कर्फ्यू में ढील दी है। इस दौरान भी लोगों पर नजर रखी जाएगी।

Posted By: Alok Shahi

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