रांची, जासं। झारखंड में कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में राज्य सरकार रक्षाबंधन के बाद संपूर्ण लॉकडाउन करने पर विचार कर रही है। बताया जा रहा है कि लॉकडाउन लगाने के लिए उच्च स्तरीय बैठक भी चल रही है। मगर इस खबर से व्यापारी परेशान हैं। अपर बाजार के कपड़ा व्यापारियों का कहना है कि अगस्त का महीना त्योहारों से भरा हुआ है। इसमें कृष्ण जन्माष्टमी से लेकर तीज तक है। तीज पर महिलाएं जमकर कपड़ों की खरीदारी करती है।

ऐसे में व्यापारियों को उम्मीद थी कि पिछले लॉकडाउन में सुस्त हुए व्यापार में कुछ तेजी आएगी। अगर फिर से संपूर्ण लॉकडाउन कर दिया गया तो व्यापारियों की कमर टूट जाएगी। इससे केवल कपड़ा व्यापार पर ही नहीं बल्कि पूरे बाजार पर बड़ा असर पड़ेगा। पहले के लॉकडाउन की मार से व्यापारी अभी तक निकल नहीं पाए हैं। ऐसे में फिर से लॉकडाउन कोढ़ में खाज के जैसा होगा।

छोटे व्यापारी ज्यादा हैं परेशान

रांची और आसपास के इलाके के छोटे दुकानदारों ने तीज और रक्षाबंधन को देखते हुए बाजार से एक बार में ही माल उठा लिया है। ऐसे में अगर फिर से लॉकडाउन होता है तो सबसे ज्यादा नुकसान उनका होगा। अपर बाजार के थोक कपड़ा व्यापारी सुजीत सारंग बताते हैं कि अगस्त में कई ऐसे त्योहार हैं जिसमें कपड़ों की खरीदारी होती है।

इसमें कजरी तीज, संकष्टी चतुर्थी, कृष्ण जन्माष्टमी, हरतालिका तीज, गणेश चतुर्थी आदि शामिल है। इसे देखते हुए बाजार में खास इंतजाम किए गए थे। व्यापारियों ने थोक में स्टॉक मंगवा लिया है। वहीं छोटे व्यापारी भी अच्छी मात्रा में माल लेकर गए हैं। ऐसे में अगर संपूर्ण लॉकडाउन होता है तो व्यापारियों की कमर टूट जाएगी। इसके साथ ही बाजार के बाकी दुकानों पर भी असर पड़ेगा।

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Posted By: Sujeet Kumar Suman

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