रांची, राज्य ब्यूरो। Lockdown 5 may be announced by PM Narendra Modi बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर झारखंड लौट रहे हैं। इनमें लगातार संक्रमण मिल रहा है। झारखंड में अब जो भी केस मिल रहे हैं उनमें अधिसंख्य प्रवासी ही हैं। जून माह में संक्रमण काफी बढऩे की उम्मीद है। ऐसे में लॉकडाउन को लेकर सोच-समझकर निर्णय लेना होगा। लॉक डाउन पर राज्य सरकार केंद्र के निर्णय के साथ चलेगी।

केंद्रीय कैबिनेट सचिव राजीव गौबा को राज्य की ओर से यही फीडबैक मिला है। गौबा राज्य के मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, आपदा प्रबंधन सचिव अमिताभ कौशल, स्वास्थ्य सचिव डा. नितिन मदन कुलकर्णी तथा अन्य अधिकारियों से वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से फीडबैक ले रहे थे। केंद्र सरकार ने लॉकडाउन को बढ़ाने या खत्म करने को लेकर झारखंड सहित विभिन्न राज्यों से शनिवार तक विस्तृत सुझाव मांगा है।

केंद्रीय कैबिनेट सचिव ने कोरोना से निपटने के लिए पब्लिक हेल्थ रेस्पांस पर भी जानकारी ली। इस क्रम में गौबा ने आनेवाली परिस्थितियों के लिए तैयार रहने तथा स्वास्थ्य संरचनाओं को और मजबूत करने पर जोर दिया। स्वास्थ्य सचिव ने जांच में तेजी लाने के लिए कोबाज-6800 मशीन तथा 50 ट्रूनेंट मशीनें शीघ्र उपलब्ध कराने की मांग रखी।

बैठक में इसपर भी चर्चा हुई कि लॉकडाउन यदि जारी रखी जाती है तो और किन क्षेत्रों में छूट दी जा सकती है। इससे पहले राज्य के पदाधिकारियों ने दूसरे राज्यों से लौटे प्रवासी मजदूरों की संख्या तथा जांच की स्थिति की जानकारी से केंद्र को अवगत कराया। गौरतलब है कि 31 मई को लॉकडाउन 4 की मियाद खत्म हो रही है।

एक जून से रात नौ बजे तक शराब बेचने की मिल सकती है अनुमति

राज्य में एक जून से रात नौ बजे तक शराब बेचने की अनुमति मिल सकती है। शराब की बिक्री में भारी कमी को देखते हुए सुबह सात बजे से शाम सात बजे तक के नियम में बदलाव कर सुबह नौ बजे से रात नौ बजे तक करने की तैयारी है। झारखंड खुदरा शराब विक्रेता संघ का एक प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को अपनी मांगों को लेकर उत्पाद सचिव विनय कुमार चौबे से मिला और अपनी परेशानी बताई।

उत्पाद सचिव ने उन्हें आश्वस्त किया है कि राज्य में एक जून से 10 जून तक की शराब बिक्री का आकलन किया जाएगा और उसके अनुसार ही उत्पाद कर (ईटीडी) का निर्धारण किया जाएगा। व्यवसायियों ने उत्पाद सचिव से वित्तीय वर्ष 2019-20 के ईटीडी का हवाला देते हुए वर्तमान वित्तीय वर्ष की अपनी माली हालत के बारे में बताया। आग्रह किया कि मासिक उत्पाद कर का लक्ष्य नहीं दिया जाए। उनकी दुकान में शराब की जितनी बिक्री हो, उतना ही उठाव करने दिया जाए। उत्पाद सचिव ने उन्हें दस जून के बाद इस विषय पर ठोस निर्णय लिए जाने का आश्वासन दिया है।

राजस्व बढ़ोतरी को लेकर वित्त मंत्री ने दिए कड़े फैसले के संकेत

व्यावसायिक गतिविधियां कम होने और राजस्व वसूली को लेकर सामने दिख रही समस्या को दूर करने के लिए सरकार के स्तर से कवायद शुरू कर दी गई है। वित्त मंत्री डॉ. रामेश्वर उरांव ने कड़े फैसले लेने के संकेत दिए हैं और विभाग ने इस लाइन पर काम शुरू भी कर दिया है। वित्त विभाग से राजस्व वसूली से संबंधित सभी विभागों को पत्र लिखकर निर्देश दिया गया है कि वे राजस्व वसूली की संभावनाओं को भी तलाशें। सरकार पहले ही पेट्रोल-डीजल की कीमतों को बढ़ा चुकी है।

राजस्व वसूली की आर्थिक संभावनाएं तलाशने का भी फरमान जारी

सूत्रों के अनुसार वित्त मंत्री ने वर्षों से टैक्स बकाया रखने वाले लोगों से राशि वसूली करने के लिए कहा है। प्रोफेशनल टैक्स की वसूली भी इसी निर्देश का हिस्सा है। खनन विभाग को भी निर्देश दिया गया है कि राजस्व व रॉयल्टी बढ़ोतरी के लिए संभावनाओं को तलाशकर रिपोर्ट दें। सरकार सभी विभागों की एक बैठक भी शीघ्र बुलाने जा रही है।

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