यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 02, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
झारखंड में हाइवे की 687 शराब दुकानों पर ताला
सड़क दुर्घटना में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट के आदेश का असर शनिवार को झारखंड में हाइवे की शराब दुकानों पर दिखा।

राज्य ब्यूरो, रांची। सड़क दुर्घटना में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट के आदेश का असर शनिवार को झारखंड में हाइवे की शराब दुकानों पर दिखा। राज्य में राष्ट्रीय और राज्य हाइवे पर स्थित कुल 687 शराब की दुकानों पर ताला लटक गया। सिर्फ रांची में ऐसी 90 शराब की दुकानें हैं जहां ताला लटक गया है। अधिक संख्या में बंद होनेवाली शराब दुकानों में हजारीबाग में 49, सरायकेला में 41 और गिरिडीह में 35 हैं।
गढ़वा जिला मुख्यालय व आस-पास में एनएच 75 और एनएच 343 के किनारे संचालित दो दर्जन शराब दुकानों के शटर शनिवार को गिर गए। हालांकि सुदूरवर्ती क्षेत्र में संचालित शराब दुकानों में चोरी छिपे खरीद-बिक्री होती रही। कोडरमा में राष्ट्रीय उच्चपथ व राज्य उच्चपथ पर 18 शराब दुकानों को बंद कर दिया गया है। चतरा में एनएच 99 के किनारे स्थित एक देसी और तीन अंग्रेजी शराब की दुकानें शनिवार से बंद हो गईं। हजारीबाग में एनएच किनारे की 49 दुकानें बंद की गई है। लेकिन इनमें 31 को दोबारा लाइसेंस दिया गया है। इन्हें हाइवे से 500 मीटर दूर स्थानांतरित किया गया है। तीन बार भी सील किए गए हैं। लोहरदगा में आठ देसी-विदेशी शराब की दुकानों को बंद करा दिया है। पलामू में एनएच 75 पर 18, एनएच 98 पर 7 व स्टेट हाइवे-10 पर 4 शराब की दुकानें बंद कराई गईं। रामगढ़ में नेशनल हाइवे व स्टेट हाइवे के किनारे से सभी लाइसेंसी शराब की दुकानों व बियर बार को बंद करा दिया गया। हालांकि अभी इन शराब दुकानदारों की शराब बिक्री के लाइसेंस को रद नहीं किया गया है।
कोर्ट के निर्देश के मुताबिक हाइवे पर स्थित दुकानदार 500 मीटर की दूरी पर शराब की दुकान खोल सकते हैं। इस संबंध में उत्पाद विभाग द्वारा जिलों के उपायुक्तों को दिए गए निर्देश के तहत दुकानदारों का नया साइड एप्रूवल होने की अनुशंसा के बाद फिर से उत्पाद विभाग जांच कर उक्त दुकानदारों को शराब बिक्री का परमिट जारी करेगा। तभी दुकनदार शराब की बिक्री कर पाएंगे। जो दुकानदार 500 मीटर की दूरी पर शराब दुकान नहीं खोलेंगे उनका लाइसेंस रद किया जाएगा।
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350 करोड़ राजस्व का तत्काल नुकसान
हाइवे पर स्थित शराब दुकानों से उत्पाद विभाग को राजस्व के तौर पर करीब 350 करोड़ रुपये प्राप्त हो रहे थे। इन दुकानों के बंद हो जाने से फिलहाल इतने राजस्व का विभाग को नुकसान होगा। फिर से 500 मीटर की दूरी पर दुकान खुलने से राजस्व की प्राप्ति हो सकेगी।
