रांची, जेएनएन। Coronavirus Update कोरोना वायरस की वि‍भीषिका देश-दुनिया में तबाही मचा रही है। इस बीच झारखंड में चीन के 50 इंजीनियरों की मौजूदगी से दहशत का माहौल है। अडानी पावर प्लांट में कार्यरत 50 से अधिक चीनी इंजीनियरों के चलते इस महामारी के फैलने की चर्चा से लोग-बाग परेशान हैं। हालांकि इन इंजीनियरों की मंगलवार को गहन स्‍वास्‍थ्‍य जांच की गई है। गोड्डा के मोतिया में निर्माणाधीन अडानी पावर प्लांट में कार्यरत 50 चीनी अभियंताओं की बुधवार को स्वास्थ्य जांच की गई। हालांकि इसमें किसी में कोरोना के लक्षण नहीं मिले। हाउस आइसोलेशन में रखकर उनकी 26 दिनों तक लगातार चिकित्सकों की देखरेख में गहन जांच पड़ताल की गई। झारखंड विधानसभा में बजट सत्र के दौरान मंगलवार को पोड़ैयाहाट विधायक प्रदीप यादव ने सवाल किया गया था कि गोड्डा में अडानी कंपनी का पावर प्लांट बन रहा है। जहां चीन के 50 से अधिक इंजीनियर कार्यरत हैं। इनमें कई जनवरी माह में अपने वतन गए थे और बाद में काम पर लौटे। लिहाजा यहां आनेवाले चीनी नागरिकों की गहन जांच होनी चाहिए। इस कड़ी में चीनी अभियंताओं के स्वास्थ्य की जांच की गई। डॉ. एसपी मिश्रा, सिविल सर्जन, गोड्डा ने बताया कि कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज अबतक नहीं मिले हैैं। इसके बावजूद भी बचाव के उपाय किए जा रहे हैैं। इधर कई जगहों पर दूरी बनाकर रहने और बात करने के पोस्‍टर देखे जा रहे हैं। यहां एसबीआइ समेत कई बैंकों में दूर रहकर अपना काम कराने की हिदायत देते हुए पोस्‍टर चिपकाए गए हैं।

कोरोना वायरस से ऐसे लड़ी जा रही लड़ाई

  1. कोरोना के चलते आरएसएस के पूरे देश में एक माह तक सभी कार्यक्रम स्‍थगित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने 15 अप्रैल तक देश में होने वाले सभी बड़े कार्यक्रम स्थगित कर दिए हैं। इस बार 25 मार्च को भारतीय नववर्ष पर देश में कहीं भी पथसंचलन स्वयंसेवकों की ओर से नहीं निकाला जाएगा। केवल छोटे छोटे कार्यक्रम होंगे, जहां संख्या 50 लोगों से कम होगी। विहिप ने भी नववर्ष के दिन पूरे देश में शोभायात्रा निकालना स्थगित कर दिया है।
  2. पहले कराएं जांच, फिर मिलेगी गांव में एंट्री : कोरोना वायरस के सामुदायिक फैलाव रोकने में जुटे कोडरमा जिला प्रशासन के सामने एक अलग तरह की समस्या ग्रामीण क्षेत्रों से आ रही है। दूसरे प्रदेशों खासकर  महाराष्ट्र, दिल्ली, केरल आदि इलाकों से गांव लौट रहे लोगों को ग्रामीण गांव में घुसने से रोक रहे हैं। हालांकि सतर्कता के दृष्टिकोण से इसे अच्छी बात कही जा सकती है, लेकिन यदि  इसे नियंत्रित नहीं किया गया तो  असामाजिक तत्व इस तरह के विरोध  के नाम पर गलत हरकत भी कर सकते हैं। तीन दिनों से प्रशासन को इस तरह के मामलों से लगातार निपटना पड़ रहा है।
  3. रांची में सरहुल के बाद रामनवमी जुलूस पर कोरोना का साया : कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए रांची आयोजित होने वाले प्रकृति पर्व सरहुल की शोभायात्रा को रोक दिया गया है। रांची में 53 साल के बाद सरहुल की शोभायात्रा नहीं निकलेगी। कोरोना संक्रमण से खौफ के कारण रांची में रामनवमी की शोभायात्रा (जुलूस) को रोकने को ध्यान में रखते हुए गुरुवार को रांची के उपायुक्त रामनवमी जुलूस निकालने वाले विभिन्न संगठनों के साथ बैठक करेंगे। इस बैठक में रामनवमी जुलूस रोकने के लिए निर्णय लिया जा सकता है। रांची में रामनवमी के मौके पर भव्य शोभायात्रा निकलती है।
  4. डॉक्‍टर से सफाईकर्मी तक मुस्‍तैद :  कोरोना के खिलाफ असली लड़ाई चिकित्सक से लेकर सफाई कर्मचारी तक लड़ रहे हैं। बीमारी से डर कर जहां लोग घरों में बैठ गए हैं। वहीं लोगों को संक्रमण से बचाने के लिए चिकित्सक से लेकर सफाई कर्मचारी तक कर्मक्षेत्र में उतरकर मोर्चा संभाले हुए हैं।  रिम्स में कोरोना मरीजों की जांच करने वाले चिकित्सक पूरी तन्मयता सेे लोगों के इलाज मेंं जुटे हैं।
  5. रिम्स में चार संदिग्ध मरीजों की जांच रिपोर्ट आएगी रांची के राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में चार संदिग्ध मरीजों की की जांच रिपोर्ट गुरुवार को आएगी। रिम्स से बुधवार को चार संदिग्ध मरीज का सैंपल लेकर जांच के लिए जमशेदपुर भेजा गया है। इसकी रिपोर्ट गुरुवार शाम तक आने की उम्मीद है।
  6. कोरोना के नाम पर फांसने की फिराक में साइबर अपराधी : कोरोना के आतंक को साइबर अपराधी अपने लिए अवसर के रूप में देख रहे हैं। विभिन्न सोशल मीडिया माध्यमों के जरिये लोगों को कोरोना से जुड़े संदेश भेज रहे हैं। कोरोना की जानकारी की बजाए बैंक अकाउंट नंबर सहित अहम जानकारियां प्राप्त करना है उनका मकसद।

जर्मनी से आई युवती व उसके मित्र की हुई जांच

गढ़वा के सदर अस्पताल में बुधवार को विदेश से लौटी युवती समेत चार लोगों की ओपीडी में जांच की गई। जांच करने वाले चिकित्सक के अनुसार फिलवक्त चारों लोगों में कोरोना वायरस संक्रमण के कोई लक्षण नहीं मिले हैं। बताते चलें कि जिला मुख्यालय स्थित एक मोहल्ले की युवती जर्मनी में रहती है। वह अपने जर्मन मित्र के साथ 7 मार्च को भारत लौटी थी, लेकिन उन लोगों ने स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी नहीं दी और न ही ओपीडी में आकर स्वास्थ्य जांच कराई। इस बीच युवती व उसका मित्र गढ़वा में आकर कुछ दिन रहने के बाद पूर्वोत्तर भारत घूमने चले गए थे। वहां से 16 मार्च को वे दोनों फिर से गढ़वा पहुंचे।

4 संदिग्धों की जांच रिपोर्ट आज, एक संदिग्‍ध का भेजा सैंपल

कोरोना का कहर देखने लायक है। राज्य में अब तक एक भी पॉजिटिव केस नहीं मिले है, बावजूद लोग लगातार जागरूक हो रहे है और जांच के लिए रिम्स पहुंच रहे है। बता दे की बुधवार को 4 संदिग्ध का सैंपल लेकर जांच के लिए जमशेदपुर भेजा गया है। जिसका रिपोर्ट आज शाम तक आने की उम्मीद है। माइक्रोबायोलॉजी के हेड डॉ मनोज कुमार ने बताया कि जांच प्रक्रिया में करीब 6 घंटे का समय लगता है, सैंपल लैब में रिसीव होने के बाद उसे जांच के लिए तैयार किया जाता है। इसके बाद पूरी प्रक्रिया में 6 घंटे का समय लगता है। बुधवार को भेजे सभी सैंपल की जांच चल रही है। वहीं आज अबतक 1 संदिग्ध का सैंपल लिया जा चुका है। जनकारी के अनुसार युवक काम के सिलसिले में केरल गया हुआ था। चूंकि वहां कोरोना के कई मामले पाए गए है तो एहतियातन सैंपल जांच के लिए भेजा गया है। आज सैंपल लैब भेजने के बाद कल शाम तक इसका भी रिपोर्ट आ जाएगा।

आज से 24 घंटे हेल्प सेंटर, सर्दी-खांसी के मरीजों की खास देखरेख

रिम्स के मेडिसीन ओपीडी में लगातार सर्दी-खांसी व बुखार के मरीज पहुंच रहे है। सर्दी खांसी व सांस के मरीजों के लिए अलग से हेल्प सेंटर के नाम से ओपीडी सेवा शुरू की गई है। यह हेल्प सेंटर इमरजेंसी के सामने स्थित रिम्स टीओपी के बगल के कमरे में शुरू की गई है। हेल्प सेंटर सातों दिन 24 घंटे काम करेगा। इसमें डॉक्टर व अन्य चिकित्सा कर्मी भी 24 घंटे तैनात रहेंगे। रिम्स अधीक्षक डॉ विवेक कश्यप ने बताया कि यह व्यवस्था बुधवार से शुरू कर दी गई है। गुरुवार से यह हेल्प सेंटर कार्यशील हो जाएगा। जो भी मरीज सर्दी खांसी व सांस की परेशानी का उपचार के लिए पहुंचेंगे वह सामान्य ईमरजेंसी या मेडिसिन ओपीडी में जाने की बजाय सीधे हेल्प सेंटर में आएंगे। वहां चिकित्सकों द्वारा जांच करने के बाद यदि उन्हें कोरोना का संदिग्ध पाया जाता है तो उन्हें वहां से सीधे पेईंग वार्ड के तीसरे तल पर बनाए गए आयसोलेशन वार्ड में भेजा जाएगा। जहां उन्हें भर्ती करते हुए सैंपल कलेक्ट कर जांच के लिए भेजा जाएगा।

राशन के लिए बायोमेट्रिक की अनिवार्यता खत्‍म

अब राशन के लिए बायोमेट्रिक मशीन पर अंगूठा लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। कोरोना वायरस के मद्देनजर आपूर्ति विभाग ने राशन कार्डधारियों को इस व्यवस्था से अस्थाई तौर पर मुक्त कर दिया है। अब तक राशन लेने के लिए बायोमेट्रिक मशीन पर लाभुक को अंगूठे का निशान अनिवार्य था। इसके बाद ही उन्हें राशन दिया जाता था। फिलहाल इस व्यवस्था को अगले आदेश तक जारी रखा गया है।

झारखंड में अबतक 36 की जांच, 23 की रिपोर्ट निगेटिव

झारखंड में कोरोना के लक्षण मिलने पर अबतक 36 लोगों की जांच कराई गई है। इनमें से 23 की रिपोर्ट आ गई है। सभी रिपोर्ट निगेटिव है। अभी तक झारखंड में कोरोना का एक भी मरीज नहीं मिला है। जानकारी के अनुसार विदेश से झारखंड लौटे 263 लोगों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। इनमें से 100 लोगों की प्रोटोकॉल के तहत 28 दिनों की निगरानी पूरी हो गई है। शेष अन्य लोगों को 28 दिनों तक आइसोलेशन में अपने घर में ही रहने को कहा गया है।

महाराष्‍ट्र से आए दंपती को गांव में घुसने से रोका

कोडरमा कोरोना का खौफ शहर से गांव तक में है। बुधवार की सुबह एक दंपती महाराष्ट्र से अपने मरकच्चो स्थित जमसोती गांव पहुंचा तो ग्रामीणों ने गांव में प्रवेश से ही रोक दिया। कुछ लोगों की आपत्ति के बाद पति-पत्नी को उसकी मां लेकर सीधे सदर अस्पताल पहुंची। यहां जांचोपरांत कोरोना का कोई लक्षण नहीं पाया गया। लिहाजा कुछ घंटे के बाद दोनों को घर जाने की इजाजत चिकित्सकों द्वारा दे दी गई। दरअसल महाराष्ट्र में कोरोना का प्रभाव को देखते हुए ग्रामीण काफी सशंकित हैं।

विदेश से लौटे युवक को रोका, जांच के बाद छोड़ा

कोरोना से संक्रमण के संदेह में बुधवार को बोकारो रेलवे स्टेशन पर एक युवक की जांच की गई। हालांकि जांच के बाद युवक को छोड़ दिया गया। जानकारी के अनुसार, उक्त युवक पिंड्राजोरा का रहनेवाला है। वह दुबई से मंगलवार को कोलकाता पहुंचा था। वहां से बुधवार की सुबह हावड़ा-रांची शताब्दी एक्सप्रेस से बोकारो पहुंचा। खाड़ी के देशों में कोरोना के संक्रमण को देखते हुए युवक भारत वापस लौटा है। ट्रेन में बोर्डिंग से लेकर बोकारो पहुंचने तक पर रेल प्रशासन की नजर उसपर थी। उसके सफर करने की सूचना ट्रेन के मैनेजर ने बोकारो रेलवे स्टेशन को पूर्व में ही दे दी थी। जैसे ही गाड़ी बोकारो पहुंची, पूर्व से तैनात चिकित्सकों ने उसे कोच संख्या सी-7 से उतारा और किनारे बैठाया। उसने दुबई एयरपोर्ट व कोलकाता एयरपोर्ट पर की गई जांच की प्रति उपलब्ध कराई। इसके बाद रेलवे के चिकित्सकों ने उसकी प्रारंभिक जांच की। साथ ही उसका पूरा ब्योरा लेकर छोड़ दिया गया।

आज से रांची व हटिया स्टेशन पर प्लेटफॉर्म टिकट के 30 रुपये

कोरोना वायरस को देखते हुए दक्षिण पूर्व रेलवे ने प्लेटफॉर्म के टिकटों के दाम में बढ़ोतरी कर दी है। अलग-अलग स्टेशनों के लिए अलग-अलग रेट तय किए गए हैं। लेकिन रांची रेल मंडल में आने वाले कुछ स्टेशनों का रेट 30 रुपये रखा गया है। गुरुवार से रांची और हटिया स्टेशन पर यात्रियों को अब प्लेटफॉर्म टिकट के लिए 30 रुपये देने होंगे। अब तक दस रुपये ही प्लेटफॉर्म के लिए देने पड़ते थे। पर अब ऐसा नहीं होगा। झारसुगुड़ा, राउरकेला, बोकारो स्टील सिटी स्टेशनों पर भी 30 रुपये देने होंगे। हावड़ा स्टेशन के लिए 50 रुपये, खडग़पुर और टाटानगर स्टेशन के लिए 40 रुपये देने होंगे। सीपीआरओ नीरज कुमार ने बताया कि कोरोना वायरस से एहतियात के तौर पर यह निर्णय लिया गया है।

53 वर्षों में पहली बार रांची में सरहुल पर नहीं निकलेगा जुलूस, रामनवमी पर फैसला आज

पहली बार रांची में 53 वर्षों में सरहुल पर जुलूस नहीं निकलेगा। कोरोना वायरस से बचाव को लेकर केंद्रीय सरना समिति ने यह निर्णय लिया है। बुधवार को हातमा में समिति की बैठक हुई। केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष बबलू मुंडा ने कहा कि सरहुल पर जुलूस निकालने का यह 53वां वर्ष है। लेकिन लोगों के स्वास्थ्य की चिंता करते हुए जुलूस नहीं निकालने का निर्णय हुआ है। बैठक में कई समितियों के पदाधिकारी उपस्थित हुए। बबलू मुंडा ने कहा कि मानव जाति की सुरक्षा सर्वोपरि है। सरना धर्मावलंबी अपने-अपने घरों में ही सरहुल की पूजा करेंगे। स्थिति सामान्य होने पर जुलूस निकाला जाएगा। आदिवासियों का महत्वपूर्ण पर्व सरहुल 27 मार्च को है। इस पर्व पर हर वर्ष जुलूस निकलता है। रांची शहर के कोने-कोने से जुलूस एकत्रित होकर मेन रोड तक पहुंचता है, इसमें हजारों लोग शिरकत करते हैं। हालांकि सरहुल के एक ही गुट का फैसला आया है, दूसरे गुट का फैसला गुरुवार को आएगा कि जुलूस निकले या नहीं। रांची उपायुक्त सरना समिति और श्री महावीर मंडल के पदाधिकारियों के साथ गुरुवार को बैठक करेंगे। इसी बैठक में रामनवमी जुलूस निकालने या न निकालने पर भी फैसला होगा। रामनवमी दो अप्रैल को है।

रिम्स में भी हो अब सकेगी कोरोना की जांच

रिम्स में भी अब दो दिनों के भीतर कोरोना वायरस के सैंपल की जांच शुरू होने वाली है। बुधवार को यहां कोरोना जांच के लिए रियल टाइम-पीसीआर (आरटी-पीसीआर) मशीन पहुंच गई। जांच रिपोर्ट छह घंटे में मिल जाएगी। अभी राज्य में एमजीएम में ही यह व्यवस्था थी।

बच्चों को मिड डे मील के बदले चावल और राशि

कोरोना से बचाव को लेकर सरकारी स्कूलों को 14 अप्रैल तक बंद रखा गया है। ऐसे में बच्चों को मिड डे मील के बदले चावल और कुकिंग कॉस्ट की राशि दी जाएगी। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने बुधवार को इस संबंध में निर्णय लिया। हालांकि अभी यह तय नहीं हुआ है कि प्रत्येक दिन के हिसाब से कितना चावल और राशि बच्चों को दी जाएगी। गुरुवार को इस संबंध में स्पष्ट निर्देश सभी स्कूलों को जारी कर दिया जाएगा। बता दें कि खाद्य सुरक्षा कानून के तहत मिड डे मील बंद होने पर बच्चों को भत्ता देने का प्रावधान है। 

बेरोजगारों के निबंधन के लिए विशेष शिविर भी स्थगित

कोरोना से बचाव को केंद्र में रखकर विभिन्न नियोजनालयों द्वारा बेरोजगारों के निबंधन के लिए आयोजित विशेष शिविर भी स्थगित किए जा रहे हैं। कई नियोजनालयों ने राज्य सरकार के आदेश पर इसे स्थगित कर दिया है।

जांच के लिए भेजे गए चार सैंपल, छह और रिपोर्ट निगेटिव

रिम्स से बुधवार को चार संदिग्ध का सैंपल लेकर जांच के लिए एमजीएम मेडिकल कॉलेज जमशेदपुर भेजा गया। सभी का सैंपल उनके ट्रेवल हिस्ट्री के साथ कोरोना के जांच के लिए प्राप्त गाइडलाइन के अनुसार लिया गया है। जानकारी के अनुसार दो संदिग्ध दूसरे देशों से यात्रा कर राज्य में लौटे थे। वहीं दो कोरोना प्रभावित राज्य से लौटने के बाद जांच के लिए पहुंचे। उक्त दोनों सदिग्ध को दूसरे जिले से रिम्स रेफर किया गया। जहां से सैंपल लेने के बाद संदिग्ध को पेइंग वार्ड स्थिति आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट किया गया है। सभी को रिपोर्ट निगेटिव आने तक आइसोलेशन वार्ड में ही रखा जाएगा। बता दें कि अब तक रिम्स से कुल 27 सैंपल भेजे गए थे। जिसमें 17 की रिपोर्ट पहले ही निगेटिव आ चुकी है। जबकि मंगलवार को जांच के लिए भेजे गए छह सैंपल की रिपोर्ट भी निगेटिव आई। राज्य में रहने वालों के लिए अब भी राहत बरकरार है। मंगलवार को सूत्रों से मिले आंकड़े में छह सैैंपल अतिरिक्त बताएं गए थे। जबकि रिम्स प्रबंधन ने बुधवार को आंकड़ा जारी कर जानकारी दी कि रिम्स से अब तक 27 सैंपल ही जांच के लिए भेजे गए हैं।

रिपोर्ट आने तक आइसोलेशन वार्ड में पुलिस की निगरानी में रहेंगे संदिग्ध

कोरोना के एक भी केस की पुष्टि अब तक राज्य में नहीं हुई है। यह राहत की बात है। लेकिन देश के साथ विदेशों में इसके प्रकोप देखते हुए लगातार रिम्स प्रबंधन सुविधाएं बढ़ा रहा है। रिम्स में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान रिम्स निदेशक डॉ. डीके सिंह ने कहा कि फिलहाल पेइंग वार्ड में 18 कमरों की व्यवस्था की गई है। सरकार द्वारा एपिडेमिक एक्ट लाने के बाद संदिग्धों को हर हाल में अब रिम्स में भर्ती रहना होगा।

लामा होने या रिपोर्ट आने से पहले भागने पर कानूनी कार्रवाई

अगर रिम्स में सैंपल देने के बाद से लेकर अगर रिपोर्ट निगेटिव आने तक अगर कोई भी संदिग्ध लामा या अस्पताल छोड़कर भागता है तो उसपर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। डॉ. विवेक कश्यप ने बताया कि कोई भी बगैर सूचना के अस्पताल छोड़कर नहीं जा सके इसके लिए पेइंग वार्ड आइसोलेशन में पुलिस के जवान को तैनात किया गया है। वहीं सिर्फ एक दरवाजे को खुला रखा गया है।

पूरे पेइंग वार्ड को बनाया जाएगा आइसोलेशन वार्ड

रिम्स से जिन संदिग्ध की सैंपल ली जा रही है उन्हें होम क्वारंटाइन न कर सभी को आइसोलेशन में ही रखे जाएंगे। ऐसे में अगर कमरे कम पड़ते है तो पूरे पेइंग वार्ड को आइसोलेशन वार्ड के रूप में इस्तेमाल किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि पांच तल्ले के पूरे विंग में 100 कमरे हैं। हर तल्ला पर 18 कमरे हैं। इसके बाद भी अगर जरूरत पड़ी तो रिम्स दूसरे विभाग को भी विकल्प के तौर पर इस्तेमाल करेगा।

पॉजिटिव गंभीर मरीजों का ट्रॉमा सेंटर में किया जाएगा इलाज

कोरोना वायरस के लिए बनाए गए रिम्स के नोडल ऑफिसर डॉ. बृजेश मिश्रा ने कहा कि सरकार व स्वास्थ्य विभाग लगातार महामारी पर नजर रखे हुए है। रिम्स में तमाम व्यवस्था की जा रही है। अगर यहां किसी संदिग्ध में कोरोना की पुष्टि होती है तो उसका पूरा इलाज रिम्स में चलेगा। 14 दिन चिकित्सकों की निगरानी में रखा जाएगा। रिपोर्ट की बार-बार जांच की जाएगी, जब तक निगेटिव नहीं आएगी तब तक उनका इलाज चलता रहेगा। डॉ. बृजेश ने बताया कि अति गंभीर मरीज के इलाज के लिए जरूरत पडऩे पर ट्रॉमा सेंटर के दूसरे तल्ले का भी इस्तेमाल किया जाएगा। जहां ट्रॉमा के एचओडी डॉ. प्रदीप भट्टाचार्य के नेतृत्व में उनकी पूरी टीम इलाज के लिए उपस्थित रहेंगे।

लातेहार व गुमला में एक-एक और लोहरदगा में मिले कोरोना के दो संदिग्ध

लोहरदगा जिले में दो तथा लातेहार एवं गुमला में कोरोना के एक-एक संदिग्ध मरीज मिले हैं। सदर अस्पताल लातेहार में बुधवार को कोरोना वायरस का एक संदिग्ध मरीज मिला है। सदर अस्पताल में बने आइसोलेशल वार्ड में भर्ती कर उसकी गंभीरता से जांच की जा रही है। बरवाडीह प्रखंड के गणेशपुर निवासी शकील उरांव केरल से लौटा है, यहां उसकी तबीयत खराब हो गई। वहीं लोहरदगा जिले में कोरोना के दो संदिग्ध मरीज मिले हैं। कुडू थाना क्षेत्र के जिंगी पंचायत के जोंजरो गांव निवासी राम उरांव के पुत्र मेनका उरांव 15 मार्च को केरल से अपना घर लौटा है। दूसरा जोरी सहेदा गांव निवासी बिरसा लोहरा का पुत्र संजय लोहरा तीन दिनों पूर्व पंजाब से लौटा है। दोनों में कोरोना के लक्षण पाए गए हैं। मेनका को रिम्स रेफर कर दिया गया है। जबकि संजय को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है। गुमला के बिशुनपुर प्रखंड के सातो कोटा गांव निवासी 22 वर्षीया युवती को बुधवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के आइसोलेशन वार्ड में संदिग्ध मरीज के रूप में भर्ती किया गया। युवती दिल्ली से अपने घर पहुंची थी। वह बुखार, सर्दी-खांसी से पीडि़त थी। उधर गढ़वा सदर अस्पताल में बुधवार को जर्मनी से लौटी युवती समेत चार लोगों की ओपीडी में जांच की गई। चिकित्सक के अनुसार फिलवक्त चारों लोगों में कोरोना वायरस संक्रमण के कोई लक्षण नहीं मिले हैं।

 

Edited By: Alok Shahi