लातेहार, जासं। Jharkhand Hindi News जहां युवा हाथों में कभी बंदूक रहते थे, वहां बच्चों में पढ़ाई के प्रति प्रेरणा जगे और मैट्रिक व इंटर की परीक्षा में वे बेहतर रिजल्ट लाएं, इसके लिए जिले के उपायुक्त अबू इमरान ने खुद से पहल की है। इसमें उनकी पत्नी भी साथ दे रही हैं। वे नक्सलियों का गढ़ समझे जाने वाले नावागढ़ के एक सरकारी स्कूल गए और बच्चों को पढ़ाई का महत्व बताया। साथ ही उन्हें जीवन से जुड़ी कई अच्छी बातें बताई। उपायुक्त व उनकी पत्नी ने विद्यालय में बच्चों का उत्साह बढ़ाने के लिए उन्हें कलम एवं डायरी दी। कहा कि पढ़ाई या रोजगार के लिए शॉटकर्ट नहीं होता है।

कलम की ताकत बताया

उपायुक्त अबू इमरान, पत्नी जबीन फातिमा के साथ उत्क्रमित प्लस टू उच्च विद्यालय पहुंचे। उपायुक्त ने अपनी पत्नी के साथ इंटर व मैट्रिक के बच्चों की क्लास लिया एवं उन्हें जीवन में सफलता के मूलमंत्र दिया। सदर प्रखंड के नावागढ़ गांव कभी नक्सलियों का गढ़ माना जाता था। यहां के युवा कलम कम बंदूक ज्यादा थामते थे। उपायुक्त एवं उनकी पत्नी जबीन फातिमा ने प्लस टू उच्च विद्यालय नावागढ़ में बच्चों का क्लास लिया और उनका उत्साह बढ़ाया। इस दौरान सवालों का सही जवाब देने वाले बच्चे को कलम एवं डायरी देकर पुरस्कृत किया। उपायुक्त ने बच्चों से पढ़ाई या रोजगार में कभी भी गलत रास्ता नहीं चुनने की अपील की। उपायुक्त ने जीवन में पढ़ाई के महत्व एवं कलम की ताकत के बारे में बताया।

सफलता के लिए आत्मविश्वास जरूरी

इंटर एवं मैट्रिक के बच्चों से उन्होंने बताया कि पढ़ाई सिर्फ परीक्षा पास करने के लिए नहीं, बल्कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए करें। किसी भी विषय की जानकारी जीवन को नया आयाम देती है। आप पूरी लगन एवं ईमानदारी से पढ़ाई करें एवं आत्मविश्वास बनाए रखें। उपायुक्त की पत्नी जबीन फातिमा ने छात्रों को जीवन में समय के महत्व को समझाया और लक्ष्य निर्धारित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि जीवन में अगर सफल होना है तो सबसे पहले खुद में आत्मविश्वास पैदा करना होगा। इस दौरान उन्होंने बच्चों से पूरी लगन के साथ समय निर्धारित कर पढऩे के लिए कहा

बच्चों के साथ बैठकर उनकी कमियां दूर की

उपायुक्त ने बच्चों को इंग्लिश, इतिहास, राजनीति शास़्त्र, भूगोल व गणित पाठयक्रम आधारित पाठ पढ़ाया। उपायुक्त ने बच्चों को अंग्रेजी बोलने एवं पढऩे की कला सिखाई। वहीं इतिहास, राजनीति शास्त्र समेत अन्य विषयों में तथ्यों को याद करने के तरीकों से अवगत कराया। इस दौरान उपायुक्त अबू इमरान खुद छात्र बन गए एवं बेंच पर बच्चों के साथ बैठकर उनकी कमियां जानी और उसे दूर करने के उपाय बताए। उपायुक्त ने बच्चों में पढ़ाई के प्रति आत्मविश्वास भी भरा।

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