रांची, राज्य ब्यूरो। राज्य के बड़ी संख्या में प्रशिक्षित युवा शिक्षक पात्रता परीक्षा से वंचित हो सकते हैं। पिछले दिनों कैबिनेट से स्वीकृत झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा नियमावली, 2019 के प्रावधानों के कारण ऐसा हो सकता है। इस नई नियमावली में कक्षा छह से आठ के शिक्षक हेतु आयोजित होनेवाली शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) में शामिल होने के लिए विषय निर्धारित कर दिए गए हैं, इससे स्नातक में सहायक विषय के रूप में इन विषयों को नहीं रखनेवाले अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल होने से वंचित हो सकते हैं। इसका विरोध हो रहा है।

नई शिक्षक पात्रता परीक्षा नियमावली के अनुसार, उच्च प्राथमिक स्कूलों (कक्षा छह से आठ) में गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान एवं भाषा के शिक्षक नियुक्त होने के लिए निर्धारित विषयों में स्नातक उत्तीर्ण होना आवश्यक है। जैसे, गणित एवं विज्ञान विषय के शिक्षक नियुक्ति हेतु आयोजित होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा में शामिल होने के लिए गणित, भौतिकी, रसायन शास्त्र, वनस्पति विज्ञान एवं जीव विज्ञान विषय में किसी एक विषय एवं सहायक विषय के रूप में किसी दो विषय में स्नातक प्रतिष्ठा उत्तीर्ण होना चाहिए।

इसी तरह, सामाजिक विज्ञान शिक्षक के लिए स्नातक (कला) प्रतिष्ठा के रूप में इतिहास, भूगोल, राजनीतिशास्त्र, अर्थशास्त्र एवं समाजशास्त्र विषय में से किसी एक विषय तथा सहायक विषय के रूप में किसी दो विषय के साथ उत्तीर्ण होना चाहिए। जबकि, स्नातक (कला) में कई ऐसे विषय हैं, जिन्हें विद्यार्थी सहायक विषय के रूप में रखते हैं। वहीं, भाषा शिक्षक के लिए अंग्रेजी या हिंदी के साथ चौदह अन्य विषयों में से किसी एक विषय में अतिरिक्त विषय के रूप में स्नातक उत्तीर्ण होना अनिवार्य होगा। इनमें संस्कृत, उर्दू, फारसी, उडिय़ा, बांग्ला, संथाली, मुंडारी, हो, खडिय़ा, कुडुख, कुरमाली, खोरठा, नागपुरी तथा पंच परगनिया शामिल हैं।

Posted By: Alok Shahi

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