रांची, राब्यू।  झारखंड में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की गुटबाजी का असर दिखने लगा है। बुधवार को राजद के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष अभय कुमार सिंह पद से हटा दिए गए हैं। वहीं, पूरी राज्य कमेटी समेत तमाम प्रकोष्ठों को शीर्ष नेतृत्व ने भंग कर दिया है। हालांकि पार्टी ने इसे संगठन को मजबूत करने की कसरत बताया है। बताया जा रहा है कि राज्य में दो महीने के भीतर हुई बिहार विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की सभा और कुछ नए नेताओं को झारखंड राजद में मिली महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों के बाद से ही पार्टी में अंदरखाने गुटबाजी चरम पर थी।

राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के निर्देश पर पार्टी के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव अब्दुल बारी सिद्दिकी ने बुधवार को अधिसूचना जारी कर राजद के झारखंड प्रदेश संगठन सहित सभी प्रकोष्ठ को भंग कर दिया है। अब नए सिरे से प्रदेश पदाधिकारियों का चयन होना है। हाल ही में झारखंड राजद के एक प्रवक्ता को राजद के प्रदेश अध्यक्ष अभय कुमार सिंह ने पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया था।

कुछ ही दिनों के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष का हवाला देते हुए प्रदेश राजद के प्रधान महासचिव सह पूर्व विधायक संजय प्रसाद यादव ने चिट्ठी जारी कर दिया कि वे पूर्व की भांति पद पर बने रहेंगे। इन घटनाओं पर पार्टी के कुछ नेताओं ने पहले भी यह संकेत दिया था कि प्रदेश राजद में व्यापक फेरबदल होगा। सभी गुट अपने-अपने तरीके से पार्टी को चलाना चाहते हैं, जिसके चलते संगठन बिखर रहा है। इसे देखते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को हस्तक्षेप करना पड़ा।

Edited By: Kanchan Singh