रांची, राज्य ब्यूरो। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अनिरुद्ध बोस ने कहा कि साइबर अपराध को क्षेत्र की सीमाओं में बांधा नहीं जा सकता है, क्योंकि यह अपराध वर्चुअल वर्ल्‍ड में हो रहा है। एक बार वे खुद भी साइबर अपराध के शिकार हो चुके हैैं। अपराधियों ने उनके कार्ड से ऑनलाइन खरीदारी की। पता चलने पर उन्होंने बैैंक वालों से बात कर अपना कार्ड ब्लाक कराया। जस्टिस बोस शनिवार को ज्यूडिशियल अकादमी में झारखंड में साइबर अपराध के विषय, चुनौतियों व उसके उपाय को लेकर आयोजित कांफ्रेंस में बोल रहे थे।

जस्टिस बोस ने कहा कि साइबर अपराध के आरोपित को पकडऩा बहुत मुश्किल होता है। कई बार कंपनियां इससे जुड़ी जानकारियां नहीं देती हैं। ऐसे में जांच एजेंसियों की चुनौती बढ़ जाती है। अब तो ऐसे साफ्टवेयर बन गए हैैं, जिनसे मोबाइल नंबर तक की क्लोनिंग हो रही है। उन्होंने जामताड़ा से हो रहे साइबर अपराध की चुनौती से निपटने के लिए काम करने को कहा।

इस दौरान झारखंड हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एचसी मिश्रा, टेलीकॉम डिस्प्यूट सेटलमेंट कम साइबर अपीलेट ट्रिव्यूनल (टीडीसीटी) के चेयरमैन शिवकीर्ति सिंह, कलकत्ता हाई कोर्ट के जस्टिस जॉयमाला बागची, झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस अपरेश कुमार सिंह ने भी अपने विचार रखे।

पुलिस सिर्फ 22 केस में ही आरोपियों को सजा दिला पाई

हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एचसी मिश्रा ने कहा कि देशभर में आधे से अधिक साइबर अपराध जामताड़ा के करमाटांड से हो रहे हैं। इसकी जानकारी कानून मंत्रालय को भी भेजी गई है। वर्ष 2018 में साइबर अपराध के 2865 मामले दर्ज हुए।

इसमें से सर्वाधिक 731 मामले रांची में हुए थे। इसके बाद गिरिडीह, धनबाद, जमशेदपुर, जामताड़ा, हजारीबाग, देवघर, दुमका में मामले दर्ज किए गए। साइबर अपराध के लिए सर्वाधिक फोन कॉल देवघर, गिरिडीह, जामताड़ा, दुमका और धनबाद से किए जा रहे हैं। पुलिस 22 केस में ही आरोपियों को सजा दिला पाई है, 25 में अपराधियों की रिहाई हुई, जबकि 66 केस में फाइनल फार्म जमा हो चुका है।

कानून में बदलाव की जरूरत

टीसीडीटी चेयरमैन शिवकीर्ति सिंह ने साइबर अपराध रोकने व इससे सुरक्षा के लिए आधारभूत संरचना बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया। कहा, भारत अब इंटरनेट यूजर्स के लिहाज से दूसरा सबसे बड़ा देश है। मोबाइल के इस्तेमाल के साथ साइबर अपराध भी बढ़े हैं। साइबर अपराध रोकने के लिए कानून में भी बदलाव की जरूरत है। 

Posted By: Sujeet Kumar Suman

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप