JSSC-CGL Scam: कोडरमा के दो युवकों को रांची सीआईडी ने उठाया, अभय तिवारी को भेजा गया जेल
जेएसएससी सीजीएल पेपर लीक मामले में सीआईडी ने कोडरमा से दो युवकों को पूछताछ के लिए रांची बुलाया है। उन ...और पढ़ें

जेएसएससी की सीजीएल परीक्षा में कथित पेपर लीक मामले में लाए गए हैं दोनों।
HighLights
सीआईडी ने कोडरमा से दो युवकों को पूछताछ के लिए रांची बुलाया।
युवकों पर जेएसएससी सीजीएल अभ्यर्थियों को मदद पहुंचाने का संदेह।
मास्टरमाइंड अभय तिवारी न्यायिक हिरासत में, जांच जारी।
राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की संयुक्त स्नातक स्तरीय (सीजीएल) प्रतियोगिता परीक्षा में अनियमितता, कथित पेपर लीक मामले की जांच कर रही सीआईडी की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने कोडरमा से दो युवकों को संदेह के आधार पर पूछताछ के लिए रांची लाई है।
अब तक की जांच, अभ्यर्थियों के बयान, आरोपितों से पूछताछ व उपलब्ध दस्तावेज के आधार पर दोनों को लाया गया है। उनपर अभ्यर्थियों को मदद पहुंचाने का संदेह है, जिसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं है। इन युवकों में राजेश प्रसाद यादव व संदीप कुमार सम्मिलित हैं। दोनों को गुरुवार की देर रात सीआईडी ने कोडरमा के डोमचांच थाना क्षेत्र से उठाया है।
सीआईडी के अधिकारिक सूत्रों के अनुसार, इन दोनों ही संदिग्धों को न तो हिरासत में लिया गया है, न हीं गिरफ्तारी की गई है। कुछ बिंदुओं पर उनसे पूछताछ की आवश्यकता थी, इसलिए उन्हें पूछताछ के लिए रांची लाया गया है।
इस केस में पूर्व में गिरफ्तार किए गए आरोपितों ने ही इन संदिग्धों के बारे में जानकारी दी थी। आरोपितों ने बताया था कि इन दोनों ही आरोपितों ने अभ्यर्थियों को मदद पहुंचाई है।
मास्टरमाइंड अभय तिवारी की रिमांड समाप्त, न्यायिक हिरासत में भेजा गया
जेएसएससी सीजीएल कथित पेपर लीक मामले में मास्टरमाइंड अभय कुमार तिवारी उर्फ मनोज कुमार तिवारी की दो दिनों की रिमांड समाप्त होने के बाद सीआईडी ने शुक्रवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
अभय तिवारी ने पूर्व में भी सीआइडी को अपना बयान दिया था कि उसने स्वयं व उसकी पत्नी सुषमा कुमारी तथा भाई अक्षय तिवारी ने 12-12 लाख रुपये परीक्षा संचालन एजेंसी आइसीएन के संचालक मिथिलेश सिंह को दिया था।
इनके अलावा कई अन्य अभ्यर्थियों ने भी मिथिलेश सिंह तक रुपये पहुंचाए, जिसके बाद इन अभ्यर्थियों को जेएसएससी सीजीएल परीक्षा से पूर्व बोकारो ले जाकर प्रश्न व उत्तर रटवाया गया था। अभय तिवारी सहित सभी अभ्यर्थी उक्त परीक्षा में सफल हुए थे।
28 सफल अभ्यर्थियों से सीआईडी ने फिर की पूछताछ
सीआइडी ने शुक्रवार को जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में सफल 28 अभ्यर्थियों का बयान लिया। अब तक करीब 425 सफल अभ्यर्थियों का सीआइडी बयान ले चुकी है। सीआइडी सफल अभ्यर्थियों से प्रश्न पत्र लीक, रुपये देकर परीक्षा पास करने, सीट बिक्री में शामिल सिंडिकेट आदि के संबंध में जानकारी जुटा रही है।
पूछताछ व छानबीन में जिन अभ्यर्थियों के विरुद्ध अनियमितता के साक्ष्य मिल रहे हैं, सीआइडी उन्हें गिरफ्तार भी करती जा रही है। अब तक नौ सफल अभ्यर्थी गिरफ्तार कर जेल भेजे जा चुके हैं। इनके अतिरिक्त विगत एक महीने के भीतर परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी आइसीएन के दो कर्मी व एक दलाल की भी गिरफ्तारी हो चुकी है।
जेपीएससी मेधा घोटाला में भी रिमांड पर हैं धर्मेंद्र कुमार सहित तीन आरोपित
जेपीएससी मेधा घोटाला मामले में भी सीआईडीने जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते के कप्यूटर आपरेटर धर्मेंद्र कुमार सहित तीन आरोपितों को रिमांड पर लिया है। अन्य दो आरोपित प्रदीप व संजय परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) के कर्मी हैं।
तीनों ही आरोपितों से सीआइडी ने रिमांड पर दूसरे दिन भी पूछताछ की। इनकी रिमांड अवधि शनिवार को समाप्त होगी। एल. खियांग्ते का कंप्यूटर आपरेटर धर्मेंद्र कुमार परीक्षा संचालन कराने वाली एजेंसी टीडीपीएल को काम दिलाने से लेकर अभ्यर्थियों की सेटिंग कराने तक में सक्रिय था।
अब तक की जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि वह एल. खियांग्ते का वसूली एजेंट था और प्रत्येक कार्य के एवज में एजेंसी व अभ्यर्थियों से अपना कमीशन भी लेता था। सीआईडी जेपीएससी की सभी परीक्षाओं में अनियमितता के बिंदु पर सभी आरोपितों से पूछताछ कर रही है।
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