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JSSC CGL पेपर लीक मामला: CID की SIT ने एजेंसी कर्मियों से की दूसरे दिन पूछताछ, 500 सफल अभ्यर्थियों के बयान दर्ज

Published: Wed, 30 Sep 2026 10:39 AM (IST)

जेएसएससी सीजीएल पेपर लीक मामले में सीआईडी की एसआईटी ने परीक्षा संचालन एजेंसी आई.सी.एन. के गिरफ्तार कर्मियों सोमांश प्रकाश और राहुल से लगातार दूसरे दिन पूछताछ की।

जेएसएससी सीजीएल

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HighLights

  1. सीआईडी ने आई.सी.एन. कर्मियों से दूसरे दिन भी पूछताछ की।

  2. सोमांश प्रकाश और राहुल से बिहार के ठिकानों की जानकारी ली।

  3. अब तक 500 सफल अभ्यर्थियों के बयान दर्ज किए गए।

राज्य ब्यूरो, रांची। जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में कथित पेपर लीक, अनियमितता मामले की जांच कर रही सीआईडी की एसआईटी ने परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी आइसीएन के दोनों गिरफ्तार कर्मियों सोमांश प्रकाश व राहुल से लगातार दूसरे दिन भी पूछताछ की। 

सीआईडी ने इनसे इनके बिहार के ठिकाने, एजेंसी के संचालक मिथिलेश सिंह के गुप्त ठिकानों के बारे में भी जानकारी जुटाई है। दोनों ही आरोपित बुधवार को वापस न्यायिक हिरासत में जेल भेजे जाएंगे।

500 सफल अभ्यर्थियों का बयान ले लिया 

सीआईडी ने मंगलवार को 35 सफल अभ्यर्थियों से पूछताछ की है। इस प्रकार अब तक सीआईडी ने करीब 500 सफल अभ्यर्थियों का बयान ले लिया है। सफल अभ्यर्थियों से परीक्षा से जुड़े सवाल ज्यादा किए गए हैं। जैसे फार्म भरने से लेकर परीक्षा में बैठने और फिर परिणाम जारी होने तक की पूरी प्रक्रिया पर विस्तार से जानकारी ली गई है। 

कैसे परीक्षा दिए, कहां दिए, किसके संपर्क में थे, पेपर लीक के संबंध में क्या जानकारी है। सीआइडी को जिन अभ्यर्थियों पर शक हो रहा है, उनके विरुद्ध उनके दस्तावेज व अन्य बिंदुओं पर उनसे जानकारी ले रही है।

आरोपा बिहार का रहने वाला

गौरतलब है कि जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में कथित पेपर लीक व अनियमितता मामले में परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी आइसीएन के दोनों कर्मियों सोमांश प्रकाश व राहुल को सीआईडी ने दिल्ली से गिरफ्तार किया था। सोमांश प्रकाश बिहार के रोहतास जिले के बिक्रमगंज का रहने वाला है, वहीं राहुल बिहार के ही वैशाली का निवासी है।

जेएसएससी ने सीजीएल की परीक्षा संचालन का जिम्मा मेसर्स वेबेल टेक्नोलोजी प्राइवेट लिमिटेड को दिया था। जबकि, वेबेल टेक्नोलोजी ने परीक्षा संचालन का काम मिथिलेश सिंह के नेतृत्व वाली एजेंसी आइसीएन को दिया था। इसी आइसीएन के माध्यम से पेपर लीक व अनियमितता की बात सामने आई है। अब इसके संचालक मिथिलेश सिंह की गिरफ्तारी के बाद अनियमितता व इससे जुड़े अन्य बिंदुओं पर अतिरिक्त जानकारी मिल सकेगी।

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