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JPSC घोटाला: श्वेता कुमारी गुप्ता की जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी, दो अन्य अभ्यर्थियों की जमानत अर्जी खारिज

Published: Sat, 12 Sep 2026 01:45 AM (IST)

जेपीएससी नियुक्ति गड़बड़ी मामले में पूर्व उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता की जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी हो गई है।

झारखंड लोक सेवा आयोग।

झारखंड लोक सेवा आयोग।

HighLights

  1. श्वेता कुमारी गुप्ता की जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी हुई।

  2. अदालत 15 सितंबर को अपना आदेश सुनाएगी।

  3. दो अन्य आरोपी अभ्यर्थियों की जमानत अर्जी खारिज।

राज्य ब्यूरो, रांची। अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत में जेपीएससी नियुक्ति गड़बड़ी मामले में आरोपित जेपीएससी की पूर्व उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता जमानत याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई हुई।

दोनों पक्षों की ओर से बहस पूरी होने के बाद अदालत ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया। अदालत अपना आदेश 15 सितंबर को सुनाएगी।

सुनवाई के दौरान श्वेता गुप्ता की ओर से अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा और देवर्षि मंडल ने पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि नियक्ति परीक्षा के लिए टीडीपीएल के चयन में उनकी कोई भूमिका नहीं है।

इसके लिए चेयरमैन और आयोग की ओर से कार्रवाई की जाती है। उन्होंने लिखित आदेश के बाद ही टीडीपीएल के साथ कांट्रैक्ट साइन किया था।

प्रार्थी के अधिवक्ता के अनुसार, सीआईडी का यह आरोप कि टीडीपीएल के कर्मी उस्मान को श्वेता गुप्ता ने वॉट्सऐप पर आंसर की भेजा था लेकिन कब भेजा गया, इसकी जानकारी प्राथमिकी में नहीं दी गई है।

उनकी ओर से बताया कि वॉट्सऐप पर आंसर की आयोग की वेबसाइट पर जारी होने के बाद भेजा गया है। ऐसे में उन्हें जमानत की सुविधा मिलनी चाहिए।

सीआईडी की ओर से उनकी जमानत का विरोध करते हुए कहा गया कि परीक्षा गड़बड़ी मामले में श्वेता गुप्ता की भी भूमिका रही है। इसलिए जमानत नहीं दी जाए।

दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया। श्वेता गुप्ता गिरफ्तारी के बाद से ही 22 जुलाई से जेल में है। उसने तीन अगस्त को जमानत की गुहार लगाते हुए याचिका दाखिल की है।

दो अभ्यर्थियों को नहीं मिली जमानत

जेपीएससी नियुक्ति परीक्षा में गड़बड़ी मामले में गिरफ्तारी के बाद जेल में बंद अभ्यर्थी सौरव सुमन तथा आरोपित पवन कुमार सिंह को अदालत ने राहत देने से इनकार किया है।

दोनों की ओर से दाखिल जमानत और अग्रिम जमानत अर्जी को अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत ने शुक्रवार को खारिज कर दी है।

अदालत ने नौ सितंबर को याचिकाओं पर सुनवाई पूरी होने के आदेश सुरक्षित रख लिया था। सीआइडी ने सौरव सुमन को 30 जुलाई को गिरफ्तार किया था। तब से आरोपित जेल में है।

उसने 10 अगस्त को जमानत की गुहार लगाते हुए याचिका दाखिल की थी। वहीं, पवन सिंह सीआईडी की पकड़ से दूर है। उसने 22 अगस्त को अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की थी।