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JPSC नियुक्ति घोटाले के किंगपिन अभय तिवारी को नहीं मिली जमानत, रिश्वत लेने वाले राजू की याचिका भी खारिज

Published: Wed, 09 Sep 2026 08:41 PM (GMT+05:30)

अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत ने प्रतियोगी परीक्षा घोटाले के किंगपिन अभय कुमार तिवारी की जमानत याचिका खारिज कर ...और पढ़ें

JPSC नियुक्ति घोटाले के किंगपिन अभय तिवारी को नहीं मिली जमानत (फाइल फोटो)

JPSC नियुक्ति घोटाले के किंगपिन अभय तिवारी को नहीं मिली जमानत (फाइल फोटो)

HighLights

  1. अभय तिवारी की जमानत याचिका रांची कोर्ट ने खारिज की।

  2. प्रतियोगी परीक्षा घोटाले में किंगपिन पर गंभीर आरोप हैं।

  3. रिश्वतखोरी के आरोपित राजू साहू को भी जमानत नहीं मिली।

राज्य ब्यूरो, रांची। अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत से राज्य की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और परीक्षा परिणाम में हेरफेर से जुड़े मामले में किंगपिन अभय कुमार तिवारी को राहत नहीं मिली। अदालत ने बुधवार को उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी।

अभय तिवारी 22 जुलाई से न्यायिक हिरासत में है। उसने 29 जुलाई को जमानत की गुहार लगाते हुए याचिका दाखिल की थी। सीआईडी ने अदालत में आरोप लगाया कि अभय तिवारी टीडीपीएल के मार्केटिंग मैनेजर रहते हुए परीक्षा घोटाले में मध्यस्थ और सुविधा देने वाले की भूमिका में था।

जांच के दौरान आरोपित पर अभ्यर्थियों को झांसा देकर पांच से 25 लाख रुपये वसूलने, 500 से अधिक ओएमआर शीटों में हेरफेर करने, उत्तरपुस्तिकाओं को बाहर निकालकर लिखवाने तथा गारंटी के तौर पर अभ्यर्थियों के मूल प्रमाण पत्र व ब्लैंक चेक रखने का आरोप है।

उसके टीडीपीएल कर्मियों, जेपीएससी से जुड़े लोगों और अभ्यर्थियों से संपर्क तथा बैंक खाते में हुए वित्तीय लेन-देन का उल्लेख केस डायरी में किया गया है। सीआईडी के अनुसार, टीडीपीएल निदेशकों के रांची प्रवास के दौरान होटल खर्च का भुगतान भी अभय के बैंक खाते से यूपीआई के जरिए किया गया था।

अदालत ने कहा कि आरोप केवल टीडीपीएल से उसके जुड़ाव या मार्केटिंग मैनेजर होने पर आधारित नहीं है। जांच में उसके खिलाफ परीक्षा प्रक्रिया में कथित हेरफेर में भूमिका निभाने से संबंधित प्रथमदृष्टया पर्याप्त सामग्री मिली है, इसलिए उसे जमानत नहीं दी जा सकती है। इसके अलावा उमेश कुमार की भी जमानत याचिका खारिज कर दी है।

रिश्वत लेने के आरोपित को नहीं मिली जमानत

एसीबी की विशेष अदालत से होमगार्ड की ड्यूटी लगाने के नाम पर सात हजार रुपये रिश्वत लेने के आरोपित राजू कुमार साहू को एक बार फिर राहत नहीं मिली। विशेष न्यायाधीश ओंकार नाथ चौधरी की अदालत ने बुधवार को उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी। राजू साहू 22 मई से न्यायिक हिरासत में है।

एसीबी के अनुसार, सिमडेगा में तैनात होमगार्ड श्रवण गोप ने 15 मई को शिकायत की थी कि होमगार्ड कार्यालय में कार्यरत राजू कुमार साहू ड्यूटी आवंटित करने के बदले सात हजार रुपये रिश्वत मांग रहा है। इसके बाद 21 मई को एसीबी ने ट्रैप किया उसे सात हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया।

अदालत ने माना कि रिकॉर्ड पर प्रथमदृष्टया साक्ष्य मौजूद हैं और आरोप गंभीर हैं। इससे पहले जून में निचली अदालत और जुलाई में झारखंड हाई कोर्ट भी उसकी जमानत याचिका खारिज कर चुका है। ट्रायल शुरू नहीं होने के आधार पर अदालत ने जमानत फिर खारिज कर दी।