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जेपीएससी परीक्षा विवाद में 3 और कर्मी गिरफ्तार, SIT का हुआ गठन

Published: Sat, 25 Jul 2026 06:58 AM (IST)

जेपीएससी मेधा घोटाले की जांच में सीआईडी ने तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिससे कुल गिरफ्तारियां आठ हो गई हैं।

झारखंड लोक सेवा आयोग।

झारखंड लोक सेवा आयोग।

HighLights

  1. सीआईडी ने जेपीएससी घोटाले में तीन और आरोपियों को पकड़ा।

  2. कुल गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर अब आठ हो गई।

  3. विस्तृत जांच के लिए सात सदस्यीय विशेष जांच टीम बनी।

राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) मेधा घोटाला की जांच कर रहे अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) की कार्रवाई लगातार जारी है।

विस्तृत अनुसंधान व कार्रवाई के लिए सीआईडी के एडीजी मनोज कौशिक ने एसपी सीआईडी पूज्य प्रकाश के नेतृत्व में सात सदस्यीय विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया है।

एसआईटी में डीएसपी सरिता मुर्मू व डीएसपी नेहा बाला के अलावा इंस्पेक्टर व दारोगा सम्मिलित हैं। पिछले चार दिनों से चल रही सीआईडी की कार्रवाई शुक्रवार को भी जारी रही।

सीआईडी ने लगातार चौथे दिन तलाशी अभियान चलाया, रांची पुलिस के सहयोग से रांची व अन्य थाना क्षेत्रों में स्थित दो होटलों में भी छापेमारी की।

इस दौरान जेपीएससी की परीक्षाओं को संचालित कराने वाली आरोपित एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड के तीन कर्मचारियों को सीआईडी ने शुक्रवार को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार कर्मियों में हेमंत वर्मा, प्रदीप कुमार सिंह व संजय कुमार शामिल हैं। तीनों ही आरोपित कर्मियों को सीआईडी ने रांची स्थित सीआईडी की विशेष अदालत में पेश करने के बाद उन्हें रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

इस प्रकार, इस पूरे प्रकरण में गिरफ्तार आरोपितों की संख्या आठ हो गई है। इससे पूर्व सीआईडी ने 22 जुलाई को सीआईडी थाना कांड संख्या 16/2026 में प्राथमिकी दर्ज कर जेपीएससी की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता सहित पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।

इस प्रकरण में सीआईडी की कार्रवाई, अनुसंधान सहित पूरे मामले की निगरानी एडीजी मनोज कौशिक कर रहे हैं।

आज से 5 दिनों की रिमांड पर आएंगे उप परीक्षा नियंत्रक सहित 5 आरोपित

सीआईडी ने 22 जुलाई को जेल भेजे गए सभी पांच आरोपितों को रिमांड पर लेने के लिए सीआईडी की रांची स्थित विशेष अदालत से अनुमति ले ली है।

अदालत ने सीआईडी को पांच दिनों तक रिमांड पर पूछताछ की अनुमति दी है। रिमांड शनिवार से शुरू होगी। सीआईडी शनिवार को जिन्हें रिमांड पर लेगी, उनमें जेपीएससी की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता के अलावा जेपीएससी की परीक्षाओं को संचालित कराने वाली एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) का मार्केटिंग मैनेजर मनोज कुमार तिवारी उर्फ अभय कुमार तिवारी, निदेशक रामवीर सिंह, एजेंसी के अन्य कर्मी उस्मान व एबाद शामिल हैं।

इनसे शनिवार से पांच दिनों तक पूछताछ होगी। पूछताछ के लिए सीआईडी संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों का भी सहयोग लेगी। अलग-अलग विशेषज्ञ पूरे मामले में सीआईडी की एसआईटी को सहयोग करेंगे।

सीआईडी ने आम लोगों से भी मांगा सहयोग

सीआईडी ने अनुसंधान के क्रम में आम लोगों से भी सहयोग मांगा है। यदि इस कांड से संबंधित किसी भी व्यक्ति के पास कोई सूचना, दस्तावेज या अन्य प्रासंगिक जानकारी उपलब्ध हो तो वे मोबाइल नंबर 9934309058 तथा ई-मेल आइडी कंप्लेनजेपीएससी-सीआईडी एट द रेट जेएचपुलिस डाट जीओवी डाट इन पर साझा कर सकते हैं। उनकी उपलब्ध कराई गई सूचना की गोपनीयता सुनिश्चित की जाएगी।

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