जेपीएससी मेधा घोटाला: झारखंड में दलाल बुद्धेश्वर से जुड़े 11 अभ्यर्थी और कई कोचिंग सेंटर सीआईडी की रडार पर
JPSC मेधा घोटाले में दलाल बुद्धेश्वर भगत से 1.10 करोड़ रुपये देने वाले 11 अभ्यर्थियों से अब CID पूछताछ करेगी। ...और पढ़ें

लोहरदगा निवासी बुद्धेश्वर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में था कार्यरत, वर्तमान में जेल में है बंद।
राज्य ब्यूरो, रांची। जेपीएससी मेधा घोटाला मामले की जांच कर रही सीआईडी को पूछताछ में दलाल बुद्धेश्वर भगत ने जिन 11 अभ्यर्थियों की जानकारी दी थी, अब सीआईडी उन सभी 11 अभ्यर्थियों का भी बयान लेगी। बुद्धेश्वर ने जेपीएससी की 14वीं प्रारंभिक परीक्षा पास कराने के एवज में उन सभी अभ्यर्थियों से 10-10 लाख रुपये यानी कुल एक करोड़ 10 लाख रुपये लिए थे।
जिन अभ्यर्थियों से बुद्धेश्वर ने रुपये लिए थे, उनमें कपिल कुमार महतो, संतोष कुमार, वंदना कुमारी, दिलीप कुमार राणा, ओमप्रकाश राणा, शिवम सिंह, पवन कुमार मुंडा, राकी सचिन लकड़ा, रोशन केरकेट्टा व उमांकांत उरांव शामिल शामिल हैं।
इन अभ्यर्थियों में दो अभ्यर्थी रोशन केरकेट्टा व उमाकांत उरांव की गिरफ्तारी पूर्व में हो चुकी है और सीआईडी इनका बयान भी ले चुकी है। अन्य नौ अभ्यर्थियों को भी सीआइडी जल्द ही समन करने जा रही है, ताकि उनका बयान लिया जा सके।
मूल रूप से लोहरदगा का रहने वाला बुद्धेश्वर भगत रांची के नामकुम स्थित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में संविदा पर कार्यरत रहने के दौरान ही मास्टरमाइंड अभय कुमार तिवारी उर्फ मनोज कुमार तिवारी के संपर्क में आया था।
अभय कुमार तिवारी जेपीएससी की परीक्षा संचालित कराने वाली एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड का मार्केटिंग मैनेजर था, जो अभ्यर्थियों को परीक्षा पास करवाने का ठेका लेता था, उनसे मोटी रकम वसूलता था और इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य पदाधिकारियों, सदस्यों, एजेंटों तक उनका हिस्सा पहुंचाता था।
बुद्धेश्वर भगत से सीआइडी के अधिकारियों ने गिरफ्तारी के बाद लंबी पूछताछ कर चुकी है। उसने जेपीएससी मेधा घोटाला में शामिल सिंडिकेट के सभी सदस्यों का नाम भी बताया है, जिनका सीआईडी सत्यापन कर रही है।
झारखंड के आधा दर्जन से अधिक कोचिंग दलाली सिंडिकेट में थे शामिल
सीआइडी की अब तक की जांच में यह स्पष्ट हो चुका है कि झारखंड के आधा दर्जन से अधिक कोचिंग संस्थान जेपीएससी, जेएसएससी की परीक्षाओं में अभ्यर्थियों को पास कराने का ठेका लेते थे। वे दलाली सिंडिकेट में शामिल थे। वे एजेंट की भूमिका निभाते थे।
परीक्षार्थियों को पास कराने का ठेका लेते थे, उनसे तय राशि लेते थे और उन्हें परीक्षा में पास भी करवा देते थे। सीआइडी को जांच के क्रम में ऐसे कोचिंग संस्थान व उनके संचालकों के बारे में जानकारी मिली है और उनके विरुद्ध कार्रवाई भी चल रही है।
भविष्य में कई कोचिंग संचालक भी दलाली सिंडिकेट में गिरफ्तार होंगे। कागजी कार्रवाई चल रही है। सत्यापन जारी है और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
एक दिन पहले रांची व हजारीबाग के कोचिंग संस्थान के विरुद्ध हो चुकी है छापेमारी
सीआइडी ने एक दिन पहले रांची के लालपुर स्थित शिवांगन की पाठशाला व उसके निदेशक संजीत कुमार के रातू रोड स्थित आवास तथा हजारीबाग के मेघा कोचिंग सेंटर में छापेमारी की थी।
वहां से बड़ी संख्या में दस्तावेज आदि की बरामदगी हुई है, जिसका सत्यापन चल रहा है। बताया जा रहा है कि आने वाले समय में इन दोनों कोचिंग संस्थानों के विरुद्ध सीआइडी कानूनी कार्रवाई भी करेगी।
