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JPSC-JSSC छात्र आंदोलन के 20वें दिन भी गतिरोध, छात्र नेता बोले- मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा संघर्ष

By Mansi KumariEdited By: Mansi Kumari
Published: Thu, 13 Aug 2026 12:31 PM (IST)

झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन 20वें दिन भी जारी है। छात्र नेता पीयूष कुमार ...और पढ़ें

HighLights

  1. JPSC-JSSC छात्रों का आंदोलन 20वें दिन भी जारी।

  2. छात्र सीबीआई जांच की मांग पर अडिग हैं।

जागरण संवाददाता, रांची। झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं में अनियमतताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन 20वें दिन भी जारी है। आंदोलन स्थल पर छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बनाए रखाष छात्र नेताओं ने कहा कि कुछ मांगों पर सरकार की ओर से सकारात्मक पहल हुई है, लेकिन सीबीआई जांच समेत प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

छात्र नेता पीयूष कुमार बोले- मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन

छात्र नेता पीयूष कुमार ने कहा कि आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश पहले दिन से होती रही है, लेकिन छात्रों की एकजुटता ने हर प्रयास का सामना किया। उन्होंने कहा कि छात्रों ने अपनी एकता की ताकत से आंदोलन को कमजोर करने की कोशिशों का जवाब दिया है।
पीयूष कुमार ने कहा कि मांगे पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मामले को संवेदनशीलता से देखने और छात्रों की पीड़ा को समझने की अपील की। उन्होंने उम्मीद जताई है की मुख्यमंत्री जल्द छात्रों की बात सुनेंगे और उनकी मांगों को पूरा करने की दिशा में पहल करेंगे।

उन्होंने यह भी कहा है कि आंदोलन के दौरान छात्र केवल विरोध-प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि रचनात्मक गतिविधियां भी करेंगे। भीकाजी कामा की पुण्यतिथि के अवसर पर छात्रों की ओर से उन्हें सम्मान देने के लिए कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही।

रूपेश कुमार बोले- CBI जांच के बिना बड़े लोगों का पर्दाफाश नहीं होगा

आंदोलन में अनशन पर बैठे छात्र रूपेश कुमार ने कहा कि छात्रों की सरकार से तीन प्रमुख मांगे हैं। उन्होंने बताया कि सरकार ने कुछ मांगों को मानने की बात कही है, जिसमें बैकलॉग परीक्षा-25 और 14वीं जेपीएससी परीक्षा को रद्द करना शामिल है।\

हालांकि, रूपेश कुमार ने कहा कि छात्रों की मुख्य मांग सीबीआई जांच है। उनके अनुसार, तब तक सीबीआई जांच नहीं होगी, आयोग में बैठे भ्रष्ट लोगों का पर्दाफाश नहीं हो सकेगा।

उन्होंने कहा कि मामले में जिन लोगों को पकड़ा गया है, वह केवल 'छोटी मछलियां' है, जबकि बड़े लोग अभी भी कानून की पहुंच से बाहर है। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांग केवल परीक्षा रद्द करने तक सीमित नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था में भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई भी जरूरी है।

रविंद्र पासवान बोले- बातचीत में CM रहें मौजूद, FIR पर भी उठाए सवाल

छात्र नेता रविंद्र पासवान ने कहा कि मंत्री के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल के साथ छात्रों की दो दौर की बातचीत हो चुकी है। उन्होंने बताया कि छात्रों ने अपनी मांगों को तार्किक तरीके से सरकार के सामने रखा।

रविंद्र पासवान ने कहा कि ऐसी बातचीत में मुख्यमंत्री की मौजूदगी होनी चाहिए, ताकि वे छात्रों का पक्ष सीधे समझ सकें। उनके अनुसार, इससे सकारात्मक संदेश जाएगा और लोकतांत्रिक तरीके से समस्या के समाधान का रास्ता मजबूत होगा।

उन्होंने छात्रों के खिलाफ FIR दर्ज किए जाने पर भी सवाल उठाया। रविंद्र ने कहा कि यदि प्रशासन को लगता है कि कुछ लोग भटके या किसी तरह की गड़बड़ी में शामिल हुए, तो उनकी पहचान कर कार्रवाई की जानी चाहिए, लेकिन इसके लिए सभी छात्रों को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।

उन्होंने कहा कि प्रशासन को असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई करनी चाहिए, लेकिन छात्रों के प्रति संयम और नैतिकता का परिचय देना चाहिए। जब सरकार या प्रशासन की बात भीड़ तक सही तरीके से नहीं पहुंचती है तो छात्रों में आक्रोश पैदा हो सकता है।

राजनीतिक समर्थन को लेकर रविंद्र ने कहा कि जहां भी उन्हें लगा कि आंदोलन का राजनीतिकरण हो रहा है, छात्रों ने खुद को उससे अलग रखा। उन्होंने कहा कि छात्रों की किसी से दुश्मनी नहीं है और वे सभी का नैतिक समर्थन चाहते हैं। उनके अनुसार, कांग्रेस के लोग शुरुआती दौर में आंदोलन स्थल पर पहुंचे, जबकि JMM और BJP से जुड़े लोग भी बाद में पहुंचे और अपना नैतिक समर्थन दिया।

जारी रहेगा आंदोलन

तीनों छात्र नेताओं के बयानों से स्पष्ट है कि छात्रों का आंदोलन फिलहाल जारी रहने वाला है। परीक्षाओं को लेकर फैसले के साथ CBI जांच की मांग आंदोलन का सबसे बड़ा मुद्दा बनी हुई है। वहीं, छात्र सरकार के साथ बातचीत का रास्ता भी खुला रखना चाहते हैं।