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बिना टेंडर TDPL को मिला JPSC परीक्षा संचालन का काम, झारखंड में CID ने खोली घोटाले की पोल

Published: Sun, 20 Sep 2026 07:30 AM (IST)

सीआईडी ने हाई कोर्ट को बताया कि जेपीएससी में टीडीपीएल को बिना टेंडर परीक्षा संचालन का काम मिला था। इस ...और पढ़ें

सीआईडी ने हाई कोर्ट में दाखिल अपनी रिपोर्ट में दी है जानकारी।

सीआईडी ने हाई कोर्ट में दाखिल अपनी रिपोर्ट में दी है जानकारी।

HighLights

  1. सीआइडी ने जेपीएससी में टीडीपीएल को बिना टेंडर काम मिलने का खुलासा किया।

  2. टीडीपीएल के निदेशक यूपी लोक सेवा परीक्षा घोटाले में गिरफ्तार हुए थे।

  3. परीक्षा में ओएमआर शीट और साक्षात्कार में बड़े पैमाने पर हेराफेरी हुई।

राज्य ब्यूरो, रांची। सीआईडी ने हाई कोर्ट में दाखिल अपनी रिपोर्ट में जानकारी दी है कि बिना टेंडर व प्रक्रिया का पालन किए जेपीएससी में मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) को जेपीएससी की परीक्षाओं का संचालन का काम मिल गया था।

11वीं-13वीं जेपीएससी परीक्षा की प्रारंभिक व मुख्य परीक्षा केंद्र की एजेंसी आइटीआइ लिमिटेड ने कराई थी। मुख्य परीक्षा के बाद डेटा प्रोसेसिंग, मेंस की मेरिट लिस्ट तैयार करने, साक्षात्कार कराने व अंतिम परिणाम प्रकाशित करने की बारी आई तो एजेंसी ही बदल दी गई।

जेपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष एल खियांग्ते ने नियमों को ताक पर रखकर टीडीपीएल को मनोनयन के आधार पर काम सौंप दिया। इस टीडीपीएल एजेंसी पर पहले से दाग था। इसके निदेशक सत्यपाल सिंह व रामबीर सिंह उत्तर प्रदेश में लोक सेवा परीक्षा घोटाला केस में यूपी एसटीएफ के हाथों गिरफ्तार कर जेल भेजे गए थे।

अनियमितता, लापरवाही आदि के चलते ही झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) ने भी वर्ष 2025 में इस एजेंसी को पैनल से बाहर कर दिया था। जांच में यह भी पता चला कि जेपीएससी की परीक्षाओं के संचालन में मुख्य रूप से बिंसिस टेक्नोलोजी, आइसीएन इंडिया, आइटीआइ लिमिटेड व टीडीपीएल शामिल थी। इनका अपना सिंडिकेट था।

बिंसिस टेक्नोलोजी का निदेशक अरुण शर्मा 2020 तक आइसीएन इंडिया में था। आइसीएन इंडिया का वर्तमान में संचालन करने वाले भी सीधे तौर पर अरुण शर्मा के बेहद करीबी सहयोगी रह चुके हैं। टीडीपीएल के संचालन में परीक्षा में अनियमितता चरम पर पहुंची, ओएमआर शीट में हेराफेरी, आन स्क्रीन मार्किन सिस्टम में भी छेड़छाड़ की गई है।

इसी एजेंसी के कार्यकाल में साल्वर गैंग सक्रिय हुआ। पूर्व में गिरफ्तार आरोपितों ने सीआईडी की पूछताछ में यह स्वीकार भी कर लिया है कि सेटिंग वाले अभ्यर्थियों की उत्तर-पुस्तिकाओं में हेराफेरी की गई है। लिखित परीक्षा के बाद साक्षात्कार में भी खेल किया गया था।

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