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JPSC परीक्षा घोटाला: CID की रिमांड पर TDPL के निदेशक समेत 5 आरोपी, पूछताछ में OMR शीट में हेराफेरी के खुले राज 

Published: Sun, 26 Jul 2026 07:00 AM (IST)

सीआईडी ने जेपीएससी परीक्षा मेधा घोटाला मामले में पांच आरोपियों को रिमांड पर लिया है, जिनमें उप परीक्षा नियंत्रक और ...और पढ़ें

Jharkhand CID। File Photo

Jharkhand CID। File Photo

HighLights

  1. सीआईडी ने जेपीएससी घोटाले के पांच आरोपियों को रिमांड पर लिया।

  2. ओएमआर शीट में छेड़छाड़ और वित्तीय लेनदेन पर सवाल पूछे गए।

  3. ब्लैकलिस्टेड एजेंसी को काम देने पर भी सीआईडी ने पूछताछ की।

राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की प्रतियोगी परीक्षाओं में मेधा घोटाला मामले की जांच कर रही सीआइडी ने पूर्व में गिरफ्तार पांच आरोपितों को शनिवार को रिमांड पर लिया है।

जिन्हें रिमांड पर लिया गया है, उनमें जेपीएससी की उप परीक्षा नियंत्रक रही श्वेता कुमारी गुप्ता, परीक्षा संचालित कराने वाली एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) के निदेशक रामवीर सिंह, मार्केटिंग मैनेजर मनोज कुमार तिवारी उर्फ अभय कुमार तिवारी व दोनों तकनीकी प्रोग्रामर उस्मान व एबाद शामिल हैं। इनसे बुधवार तक पूछताछ होनी है।

रिमांड के पहले दिन सीआइडी ने ओएमआर शीट में छेड़छाड़ व परीक्षा पास कराने के एवज में वित्तीय लेन-देन पर आधारित कई सवाल आरोपितों से पूछे। सीआइडी के सवालों में श्वेता कुमारी गुप्ता व टीडीपीएल निदेशक घिरे, संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।

सीआइडी ने यह भी जानना चाहा कि जब परीक्षा संचालित कराने वाली एजेंसी टीडीपीएल को काली सूची में डाला गया था, उसके बावजूद उसे काम किस आधार पर मिला। इसके लिए किसका दबाव था, किसने सहयोग किया। काली सूची में डाली गई एजेंसी से परीक्षा संचालन का काम किस आधार पर लिया गया।

सीआइडी ने यह भी सवाल किया है कि परीक्षा संचालित कराने वाली एजेंसी टीडीपीएल का मार्केटिंग मैनेजर मनोज कुमार तिवारी उर्फ अभय कुमार तिवारी अपनी ही एजेंसी के माध्यम से संचालित परीक्षाओं में कैसे अभ्यर्थी बना।

वह पीजीटीटीसीई 2023, जेएसएससी-सीजीएल, एसीएफ (पीटी), एफआरओ (पीटी) और एफएसओ लिखित परीक्षा-2023 में सफल भी होता गया। सीआइडी ने यह भी पूछा कि अपनी सफलता को दिखाकर उसने अन्य अभ्यर्थियों को पास कराने के एवज में पांच से 25 लाख रुपये तक की उगाही की है।

इसपर न तो टीडीपीएल निदेशक कुछ बोल पाया, न हीं उप परीक्षा नियंत्रक या फिर मनोज तिवारी ही संतोषजनक जवाब दे सका। गौरतलब है कि सीआइडी ने 21 जुलाई को जेपीएससी कार्यालय में छापेमारी की थी और 22 जुलाई को सीआइडी थाना कांड संख्या 16/2026 दर्ज कर पांचों आरोपितों को गिरफ्तार की थी। इसके बाद से ही जांच तेज है।

परीक्षाओं के ओएमआर शीट में हेराफेरी पर प्रोग्रामरों से पूछे गए सवाल

सीआइडी ने गिरफ्तार दोनों प्रोग्रामर उस्मान व एबाद से ओएमआर शीट में हेराफेरी पर सवाल दागा। सीआइडी यह पता लगा रही है कि आरोपितों ने कितने ओएमआर शीट में हेराफेरी की है। छापेमारी में बरामद डिजिटल उपकरण व ओएमआर शीट से संबंधित साक्ष्य की जांच में सीआइडी साइबर विशेषज्ञ की भी मदद ले रही है।

सीआइडी यह भी पता लगा रही है कि आरोपितों ने कितने अभ्यर्थियों से ब्लैंक चेक, मूल दस्तावेज लिया था, पास कराने के एवज में नकदी में कितने रुपये के लेन-देन किए गए थे।

सीआइडी ने 24 जुलाई को टीडीपीएल के तीन अन्य कर्मियों को हेमंत वर्मा, प्रदीप कुमार सिंह व संजय कुमार को गिरफ्तार किया था। दो अन्य होटलों में छापेमारी भी की थी। अब बहुत जल्द इन तीनों ही आरोपितों को रिमांड पर लेकर सीआइडी पूछताछ करेगी।

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