रांची, राज्य ब्यूरो। Jharkhand Public Service Commission झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित की जानेवाली संयुक्त सिविल प्रतियोगिता परीक्षा में एक बार फिर कई बदलाव हो सकते हैं। कार्मिक विभाग इसकी तैयारी कर रहा है। परीक्षा में अभ्यर्थियों के उत्तीर्ण होने के नियम के अलावा आरक्षण से जुड़े कुछ बिंदुओं में यह बदलाव हो सकता है। झारखंड लोक सेवा आयोग की अनुशंसा पर झारखंड संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा नियमावली, 2021 में यह संशोधन होगा। कार्मिक विभाग ने नियमावली में संशोधन को लेकर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके खंडेलवाल की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की है, जिसमें वित्त विभाग के प्रधान सचिव अजय कुमार सिंह तथा खाद्य आपूर्ति सचिव हिमानी पांडेय सदस्य के रूप में शामिल हैं। कमेटी की अनुशंसा पर नियमावली में संशोधन किया जाएगा।

परीक्षा में इस तरह के बदलाव की संभावना

अभी तक जो बातें सामने आई हैं उसके अनुसार कुल रिक्ति के विरुद्ध कितने गुना अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार में शामिल होंगे, इसमें संशाेधन हो सकता है। वर्तमान नियमावली के तहत कुल रिक्ति के 15 गुना अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा तथा ढाई गुना अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए क्रमश: प्रारंभिक परीक्षा तथा मुख्य परीक्षा में उत्तीर्ण किया जाता है। प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण होने के लिए न्यूनतम 40 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य होता है। आरक्षित श्रेणी के अभ्यर्थियों को इसमें कुछ छूट मिलती है। प्रारंभिक परीक्षा की ओएमआर शीट वेबसाइट पर जारी करने को लेकर भी कुछ प्रविधान किया जा सकता है। वर्तमान नियमावली में इतना ही कहा गया है कि आयोग प्रारंभिक परीक्षा की ओएमआर शीट वेबसाइट पर जारी करने का प्रयास करेगा। प्रारंभिक परीक्षा में आरक्षण देने पर भी विचार किया जा सकता है। हालांकि प्रारंभिक परीक्षा में आरक्षण मिलने की उम्मीद नहीं के बराबर है।

नियमावली में संशोधन के बाद ही अगली परीक्षा

झारखंड संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा नियमावली, 2021 में संशोधन के बाद ही अगली संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा की प्रक्रिया शुरू होगी। इस नियमावली में एक संशोधन पूर्व में भी हो चुका है। इसी नियमावली के आधार पर सातवीं सिविल सेवा संयुक्त परीक्षा हुई थी।

Edited By: M Ekhlaque