रांची, जासं। यह लड़ाई जोश से ज्यादा होश से लड़नी है, गांधी को गलत और गोडसे को सही कहने वाले लोग आज नागरिकता का सबूत मांग रहे हैं। आज सच बोलने की हिम्मत हमारे अंदर पैदा होनी चाहिए। हिंदू मुसलमान करा कर इस देश की बुनियादी सहूलियत से महरुम करते हैं। उक्त बातें जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र लीडर सह प्रसिद्ध आंदोलनकारी डॉ कन्हैया कुमार ने कहीं। वह शुक्रवार को झारखंड की राजधानी रांची के कडरू स्थित ईदगाह मैदान में सीएए, एनआरसी, एनपीआर के खिलाफ सभा को संबोधित कर रहे थे। डॉ कन्हैया कुमार ने कहा कि पिछले 5 साल में 3 करोड़ नौकरी छीन ली गई। 2020 में 18 करोड़ की नौकरियां छीनने की तैयारी चल रही है। हमारे नौजवानों को जागने की जरूरत है। आज आप देखिए एक ही जगह पर दो अलग-अलग सैलरी दी जाती है। स्थाई टीचर है तो 18 हजार, अस्थाई टीचर हैं तो 8 हजार दिया जा रहा है। 

कन्हैया ने कहा, एनपीआर एनआरसी एक बहाना है। आज देश में हर रोज कोई न कोई संपत्ति बिकने को तैयार है। देश की जनता एनआरसी में उलझा रहे और यह एलआईसी बेचते रहें। सबका सुरक्षा सबका काम वरना होगा नींद हराम। किसी भी स्थिति में डरने की जरूरत नहीं है। घबराने की जरूरत नहीं है। देश हमारा था हमारा है और रहेगा। डॉ कन्हैया ने कहा कि हमारे पुरखों ने अंग्रेजों से लड़ाई लड़ी थी। हम इनसे लड़ाई लड़ेंगे। यह महिलाएं जब सड़कों पर निकली है तो आप किसी को कम मत आंकिये। यह महिलाएं जब अपने दहलीज पार कर लिया है तो यह रुकने वाली नहीं है। देश को बचाना है हम सबको अपनी कुर्बानी देकर। आप जर्नल डायर बनने को तैयार हैं तो हम शाहिनबाग भी जलियांवाला बाग बनने को तैयार हैं। संविधान को आप कमजोर करेंगे तो हम संविधान को मजबूत करेंगे। इस देश ने जब चुना तो किसी और को नहीं गांधी को चुना। यह देश एक बार बंटा है दोबारा नहीं बटेगा।

कन्हैया ने कहा, आप देखिए जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत आए तो उन्हें गॉड से से नहीं बल्कि गांधी से मिलाया गया। डॉ कन्हैया ने कहा कि नफरत हमेशा समाज को जलाता है, मोहब्बत समाज को आगे बढ़ाता है। नफरत फैलाकर दिल नहीं जीता जाता है। हमें इस साजिश को समझना होगा। हमारे बच्चों को पत्थर थमा देना चाहते हैं, और अपने बच्चों को बीसीसीआई के डायरेक्टर बनाते हैं। आज इसे समझना पड़ेगा। कि जिस ने बेचा इमान वह टीवी पर बैठकर करेगा हिंदू मुसलमान। देश में पहली बार ऐसा हुआ है की सरकार नागरिक को चुनेंगे। सवाल पूछने वालों पर फर्जी मुकदमा करके जेल में डाल दिया जाता है।

कन्‍हैया ने कहा कि एनपीआर सिर्फ परेशान करने और संपत्ति छीनने के लिए है। यह जल जंगल जमीन छीनने की साजिश है। यह लड़ाई हमें इकट्ठा होकर लड़नी है। हम आप से अपील करते हैं कि आप झारखंड सरकार से डेलीगेट बनाकर बात कीजिये। अभी वक्त है मिलकर एक दूसरे से बात करें। एनपीआर को वापस करें। एनआरसी को वापस करें। झारखंड सरकार से बात कीजिए। पंचायत से एनपीआर पर रिजोलेशन पास कीजिए। आपका संविधान आपको हक देता है कि आप किस सवाल का जवाब देना चाहते हैं और किस सवाल का नहीं। अपने घर के बाहर दीवार पर लिखिए इन पीआर कल आना साथ में 15 लाख लेकर आना। यह लड़ाई जोश से ज्यादा होश से काम लेना है। हमें संविधान भी बचाना है देश भी बचाना है। अंतिम दम तक लड़ाई लड़ेंगे। इस लड़ाई में मरने वालों की प्रति हम प्रार्थना करतेे हैं|

इससे पहले जेएनयू के पूर्व अध्यक्ष छात्र नेता कन्हैया कुमार शाम पांच बजे रांची पहुंचे। कडरू के मदरसा हुसैनी मैदान में कन्‍हैया के कार्यक्रम को आखिकरकार प्रशासन ने अनुमति प्रदान कर दी है, अनुमंडल पदाधिकारी रांची कार्यालय की ओर से शुक्रवार को रांची में होने वाले कार्यक्रम को अनुमति प्रदान कर दी गई। लाडले खान के आवेदन पर विचार करते हुए कन्हैया के कार्यक्रम को सशर्त अनुमति दी गई है। यह कार्यक्रम मदरसा हुसैनी मैदान कडरू में शाम 6 बजे से शाम 7:30 बजे तक आयोजित करने और इस दौरान लोकतांत्रिक तरीके से शांतिपूर्ण सभा की अनुमति दी गई है।

Posted By: Alok Shahi

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