रांची, राज्य ब्यूरो। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने नक्सली हिंसा की आड़ में सरकार पर निशाना साधा है। महासचिव सुप्रियो भट्टïचार्य ने कहा कि लातेहार में पुलिस के चार जवानों को नक्सलियों ने निशाना बनाया। इसकी वजह देश के गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री रघुवर दास द्वारा नक्सलियों के प्रभाव को लेकर दिए गए झूठे आंकड़े हैैं। अमित शाह लातेहार के मनिका में दावा कर रहे थे कि रघुवर दास के नेतृत्व में सरकार आतंकवाद को खत्म कर चुकी है।

संसद में यह दावा किया जाता था कि नक्सलवाद में 90 प्रतिशत तक कमी आई। झारखंड मुक्ति मोर्चा ने चुनाव आयोग को बार-बार कहा था कि आप खुद जांच कर लें। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि इस राज्य के प्रशासनिक अधिकारी झूठ बोल रहे हैैं। आज भी 67 विधानसभा सीटें उग्रवाद प्रभावित हैैं। इसलिए एक चरण में चुनाव कराना संभव नहीं है। ताजा नक्सली हिंसा से सरकार के दावे की कलई खुल गई है। घोर उग्रवाद प्रभावित इलाके लातेहार में होमगार्ड के जवान पेट्रोलिंग कर रहे थे, लेकिन उनके पास अत्याधुनिक हथियार तक नहीं थे।

गोड्डा जिलाध्यक्ष समेत दो झामुमो से निष्कासित

केंद्रीय नेतृत्व और पार्टी के संविधान के विरुद्ध कार्य करने के आरोप में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने अपने दो पदधारियों को छह वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया है। पार्टी के महासचिव विनोद कुमार पांडेय के अनुसार गोड्डा के जिलाध्यक्ष रवींद्र महतो तथा केंद्रीय समिति के सदस्य मोसब्बर आलम के विरुद्ध मोर्चा ने यह कार्रवाई की है।

Posted By: Sujeet Kumar Suman

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