राज्य ब्यूरो, रांची

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के एकदिवसीय दौरे पर विपक्षी दलों ने भी नजर गड़ाए रखी। झारखंड मुक्ति मोर्चा ने दावा किया है कि वे आदिवासियों को ठगने की मंशा से आए हैं और आधारहीन दावे कर रहे हैं। महासचिव सह प्रवक्ता सुप्रियो भंट्टाचार्य ने एक बयान जारी कर यह भी कहा कि अमित शाह जनजातीय समुदाय से असलियत छिपा रहे हैं। पानी, बिजली, सड़क, शिक्षा आदि के संबंध में गिनाई जा रही उपलब्धियां सरासर आधारहीन है और इसका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है। जिन मुद्दों पर उन्हें बोलना चाहिए था उसपर उन्होंने चुप्पी साध ली। उन्हें बताना चाहिए था कि जनजातीय समुदाय के खिलाफ हो रहे काम पर उनकी क्या राय है और पिछड़े क्षेत्रों के विकास को लेकर जारी होने वाले फंड में कटौती क्यों की गई?

शाह से पूछे दस सवाल

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-भाजपा संविधान की पांचवीं अनुसूची पर क्या सोचती है और उसे अनुपालन में कितना प्रतिबद्ध है?

-समता जजमेंट पर अपनी राय से जनजातीय समाज को अवगत क्यों नहीं कराती भाजपा?

-बीआरजीएफ की राशि के आवंटन में उदासीनता क्यों?

-जनजातीय समाज के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए मिलने वाली छात्रवृति में कमी क्यों?

-भूमि अधिग्रहण विधेयक में सामाजिक प्रभाव का आकलन खत्म करने की आपाधापी क्यों?

-जनजातीय समाज के लोगों की भूख से मौत एवं किसानों के कर्ज में डूबे होने के कारण हुई आत्महत्या पर सरकार एवं पार्टी की क्या सोच है?

-बहुप्रचारित योजना स्टार्टअप इंडिया से झारखंड का जनजातीय समाज कितना समृद्ध हुआ?

-सरकार ने 1500 प्राथमिक विद्यालयों का विलय क्यों किया निजी विश्वविद्यालयों एवं शिक्षण संस्थानों की स्थापना के पीछे क्या स्वार्थ है?

-सरकार ने किन उद्देश्यों से खुद शराब बेचने का फैसला लिया और इससे किन उद्देश्यों की पूर्ति हुई?

-खतियान को खारिज कर कैसे स्थानीय और नियोजन नीति लागू किए?

Posted By: Jagran