मध्यप्रदेश में आदिवासी बच्चों की मौत पर भड़का JMM, जेपी नड्डा और MP के सीएम से मांगा इस्तीफा
झामुमो ने मध्य प्रदेश के बालाघाट में 30 से अधिक आदिवासी बच्चों की मौत पर भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

विधायक लुईस मरांडी। (सोशल मीडिया)
HighLights
बालाघाट में एक महीने में 30 से अधिक आदिवासी बच्चों की मौत।
JMM ने भाजपा पर आदिवासियों के प्रति उदासीनता का आरोप लगाया।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग।
राज्य ब्यूरो, रांची। झामुमो ने मध्य प्रदेश के बालाघाट में बच्चों की मौत की घटना पर भाजपा पर बड़ा आरोप लगाया है। पार्टी विधायक लुईस मरांडी तथा सुदीप गुड़िया ने गुरुवार को हरमू स्थित पार्टी कार्यालय में प्रेस वार्ता कर कहा कि वहां पिछले एक महीने में 30 से अधिक आदिवासी बच्चों की मौत हुई है।
इस घटना ने भाजपा के दावों की पोल खोल दी है। भाजपा आदिवासियों का हितैषी होने का झूठा दावा करती है। विधायकों ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा की सरकार ने समय पर बच्चों के इलाज और उनकी देखभाल पर ध्यान नहीं दिया।
इसके लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला से इस्तीफे की मांग की।
लुईस मरांडी ने कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में शुरू से ही अंतर है। बालाघाट में इतनी बड़ी संख्या में आदिवासी बच्चों की मौत की घटना बहुत ही पीड़ादायक है।
विधायक ने इतना तक कहा कि भाजपा नहीं चाहती कि आदिवासी बच्चे अपने अधिकार और हक की मांग करें। जल, जंगल और जमीन की बात करें। बेतरतीब खनन पर सवाल उठाएं।
शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य की मांग करें। यही वजह है कि भाजपा सरकारें आदिवासी समाज की आवाज दबाना चाहती हैं। उन्होंने मध्यप्रदेश में आदिवासियों के साथ हुई अन्य हालिया घटनाओं का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि आदिवासी युवक पर पेशाब करने, युवक को गाड़ी के पीछे बांधकर घसीटने और आदिवासी महिलाओं के साथ मारपीट जैसी घटनाएं सामने आती रही हैं। ऐसी घटनाएं बेहद गंभीर हैं और सरकार को इनपर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
वहीं, विधायक सुदीप गुड़िया ने कहा कि मध्यप्रदेश के आदिवासी आश्रमों में बच्चों की मौत सामान्य घटना नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर ये बच्चे आदिवासी नहीं होते तो शायद सरकार इतनी देर तक मामले को नजरअंदाज नहीं करती।
