रांची, राज्य ब्यूरो। Jharkhand political crisis मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ निर्वाचन आयोग के प्रस्तावित फैसले को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। प्रतिकूल निर्णय आने की स्थिति में तमाम विकल्पों पर विचार समेत सरकार को अस्थिर करने के प्रयासों को नाकाम करने की रणनीति बनाने को लेकर शनिवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के सरकारी आवास में बैठक बुलाई गई है। बैठक में सत्तापक्ष के सभी विधायकों को मौजूद रहने को कहा गया है। कांग्रेस ने इसके लिए निर्देश जारी करते हुए कहा है कि सारे विधायक राजधानी में ही कैंप करेंगे, बगैर सूचना दिए बाहर नहीं जाएंगे।

कांग्रेस के गिरफ्तार विधायक आज हो सकते रिहा

झारखंड मुक्ति मोर्चा ने भी सतर्कता बढ़ाते हुए विधायकों को रांची में मौजूद रहने को कहा है। बैठक में राजनीतिक परिस्थितियों से निपटने के लिए आपस में विचार-विमर्श किया जाएगा। कोशिश विधायकों को एकजुट रखने की होगी ताकि सरकार को अस्थिर करने की कोशिशों को मात दी जा सके। सतर्कता इस वजह से भी अधिक है कि हाल ही में कोलकाता में कांग्रेस के तीन विधायकों को 49 लाख रुपये के साथ गिरफ्तार किया गया था। तीनों विधायको को अंतरिम जमानत मिल गई है, लेकिन वे कोलकाता से बाहर नहीं जा सकेंगे। फिलहाल कागजात जमा नहीं करने के कारण इनकी रिहाई नहीं हुई है। इन्हें शनिवार को रिहा किए जाने की संभावना है।

सुबह 11 बजे से सीएम आवास पर होगी बैठक

जानकारी के अनुसार, सुबह 11 बजे से सीएम हेमंत सोरेन के आवास पर यह बैठक होगी। उधर, झामुमो का कहना है कि यह बैठक सुखाड़ की स्थिति को देखते हुए बुलाई गई है। झामुमो ने यह भी कहा है कि भाजपा शुरू से ही झारखंड में हेमंत साेरेन सरकार को गिराने की कवायद में जुटी हुई है। कोलकाता में तीन विधायकों की गिरफ्तारी के बाद से ही वह बेनकाब हो चुकी है। उपचुनाव में भी भाजपा पराजित हो चुकी है। बावजूद वह साजिश रचने से बाज नहीं आ रही है।

भाजपा बोली, सबको बैठक बुलाने का अधिकार

उधर, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने कहा कि चुनाव आयोग के सामने हमलोग फरियादी हैं। देखते हैं कि क्या फैसला आता है। झामुमो, कांग्रेस, राजद सबको अपने विधायकों की बैठक बुलाने का अधिकार है। भाजपा सरकार की गलत नीतियों के विरोध में आंदोलन आरंभ करने की तैयारी कर रही है।

Edited By: M Ekhlaque