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गेतलसूद में झारखंड का सबसे बड़ा 100 मेगावाट सोलर प्लांट शुरू, रांची को मिलेगी निर्बाध बिजली

Published: Sun, 04 Oct 2026 08:05 PM (IST)

झारखंड के गेतलसूद डैम पर राज्य का सबसे बड़ा 100 मेगावाट का फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट पूरी क्षमता से शुरू ...और पढ़ें

गेतलसूद से 100 मेगावाट बिजली उत्पादन, रांची को मिलेगी 'जीरो पावर कट' सुविधा।

गेतलसूद से 100 मेगावाट बिजली उत्पादन, रांची को मिलेगी 'जीरो पावर कट' सुविधा।

HighLights

  1. गेतलसूद में 100 मेगावाट का झारखंड का सबसे बड़ा सोलर प्लांट शुरू।

  2. रांची और आसपास के क्षेत्रों को अब मिलेगी 'जीरो पावर कट' सुविधा।

  3. विश्व बैंक के सहयोग से निर्मित, एलएंडटी ने किया निर्माण कार्य।

संवाद सूत्र, अनगड़ा (रांची)। झारखंड को हरित ऊर्जा के क्षेत्र में एक बहुत बड़ी सौगात मिली है। राज्य के सबसे बड़े गेतलसूद डैम स्थित फ्लोटिंग (तैरता हुआ) सोलर पावर प्लांट से पूरी क्षमता यानी 100 मेगावाट बिजली का कमर्शियल उत्पादन 2 अक्टूबर से शुरू हो गया है।

इस उपलब्धि के साथ ही राजधानी रांची और आसपास के इलाकों को निर्बाध बिजली मिलने का रास्ता साफ हो गया है। मालूम हो कि पिछले एक महीने (29 अगस्त) से इस प्लांट से 50 मेगावाट बिजली का आंशिक उत्पादन हो रहा था, जबकि शेष 50 मेगावाट के लिए यूनिट्स पर कार्य जारी था।

परियोजना प्रबंधक नवीन उरांव ने बताया कि 2 अक्टूबर से फुल लोड 100 मेगावाट बिजली कार उत्पादन शुरू कर दिया गया है। इसकी जानकारी दिल्ली हेडक्वार्टर को दे दी गई है। वही से परियोजना के उद्घाटन की तिथि व अतिथि तय किया जाएगा।

विश्व बैंक के सहयोग से तैयार हुआ मेगा प्रोजेक्ट

गेतलसूद जलाशय में 437 करोड़ रुपये की लागत से बने इस अत्याधुनिक फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट का निर्माण सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (सेकी) की मॉनिटरिंग में लार्सन एंड टूब्रो (एलएंडटी) कंपनी ने किया है।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए विश्व बैंक ने वित्तीय मदद दी है, जबकि सिंचाई विभाग ने ग्रिड निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध कराई है। परियोजना की कुल आयु 25 वर्ष निर्धारित की गई है तथा निर्माण के बाद शुरुआती 5 वर्षों तक एलएंडटी इसका रखरखाव करेगी।

जलाशय के 172 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले है सोलर पैनल

गेतलसूद डैम के कुल जल क्षेत्र (लगभग दो हजार हेक्टेयर) में से करीब 8 प्रतिशत यानी 172 हेक्टेयर क्षेत्र में इस प्लांट को स्थापित किया गया है। उत्पादित बिजली को गेतलसूद ग्रिड के रास्ते सिकिदिरी स्थित इरबा ग्रिड भेजा जा रहा है।

जहां से झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) के माध्यम से इसे रांची और आसपास के क्षेत्रों में प्रसारित किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, इस 100 मेगावाट बिजली से लगभग एक लाख घरों को 'जीरो पावर कट' (बिना किसी कटौती के) बिजली मिल सकेगी।

प्रधानमंत्री कर सकते है ऑनलाइन उद्घाटन

भारी विरोध के बीच तय समय से आगे बढ़ी इस योजना के पूर्ण होने से अब इसके भव्य उद्घाटन की तैयारियां तेज हो गई है। सेकी के अधिकारियों ने बताया कि चूंकि यह केंद्र सरकार की एक बड़ी परियोजना है, इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इसका ऑनलाइन उद्घाटन कराने के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) से संपर्क किया जा रहा है।

दिल्ली हेडक्वार्टर से ही अंतिम तिथि और उद्घाटनकर्ता की औपचारिक घोषणा की जाएगी। खिजरी विधायक राजेश कच्छप ने भी मुख्यमंत्री और केंद्र सरकार से समन्वय कर जल्द ही इसके आधिकारिक लोकार्पण की बात कही है।

विरोध के कांटों से निकलकर साकार हुई विकास की योजना

अपने शुरुआती दौर में यह प्रोजेक्ट भारी स्थानीय विरोध के कारण अधर में लटक गया था। गेतलसूद डैम पर आश्रित स्थानीय मछुआरा समाज ने विस्थापन की आशंका को लेकर कड़ा विरोध जताया था, जिसके कारण एक साल तक काम बाधित रहा।

हालांकि, खिजरी विधायक राजेश कच्छप और भाजपा पंचायती राज प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक जैलेन्द्र कुमार की सक्रियता और सूझबूझ से आखिरकार रास्ता निकला। विधायक कच्छप ने स्थानीय स्तर पर समन्वय बिठाया, वहीं भाजपा नेता जैलेन्द्र कुमार ने स्थानीय लोगों को समझा-बुझाकर और विकास के पक्ष में लामबंद कर निर्माण कार्य को अमलीजामा पहनाने में अहम भूमिका निभाई।

सेकी के निर्वतमान परियोजना प्रबंधक पल्लव यदु के प्रयास से जनवरी 2025 में नए सिरे से निर्माण कार्य गति पकड़ सका और रिकॉर्ड डेढ़ साल के भीतर प्लांट बनकर तैयार हो गया।

अब जबकि प्लांट से फुल लोड बिजली उत्पादन शुरू हो चुका है, भाजपा नेता जैलेन्द्र कुमार ने गेतलसूद क्षेत्र में भी प्राथमिकता के आधार पर 'जीरो पावर कट' बिजली सप्लाई देने की मांग उठाई है।