झारखंड में बिहार की तर्ज पर ड्रोन से होगी शराब माफिया की निगरानी, रामगढ़ में आबकारी मंत्री ने लिया ट्रायल
झारखंड आबकारी विभाग अवैध शराब कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए आधुनिक ड्रोन तकनीक का उपयोग करेगा। मंत्री योगेंद्र प्रसाद महतो ने रामगढ़ में इसका सफल परीक्षण किया।

उत्पाद एवं मद्य निषेध मंत्री योगेंद्र प्रसाद महतो ने बुधवार को रामगढ़ जिले के चुट्टूपालू में ड्रोन निगरानी प्रणाली का परीक्षण किया।
HighLights
अवैध शराब कारोबार पर अंकुश लगाने को ड्रोन तकनीक।
आबकारी मंत्री ने रामगढ़ में किया सफल परीक्षण।
दुर्गम क्षेत्रों में शराब गतिविधियों पर पैनी नजर।
राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड में शराब के अवैध कारोबार, निर्माण और तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए अब आबकारी विभाग आधुनिक तकनीक का सहारा लेने जा रहा है।
उत्पाद एवं मद्य निषेध मंत्री योगेंद्र प्रसाद महतो ने बुधवार को रामगढ़ जिले के चुट्टूपालू में ड्रोन निगरानी प्रणाली का परीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ विभाग के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।
दुर्गम और सुदूर इलाकों पर होगी पैनी नजर
मंत्री ने बताया कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से जंगलों, पहाड़ों और दुर्गम इलाकों में चल रहे अवैध शराब के निर्माण, भंडारण और बिक्री की गतिविधियों पर सटीक और प्रभावी कार्रवाई संभव हो सकेगी।
उत्पाद आयुक्त संदीप सिंह और सहायक आयुक्त राकेश सिंह की उपस्थिति में मंत्री योगेंद्र प्रसाद महतो ने खुद ड्रोन उड़वाकर इसकी क्षमताओं का जायजा लिया।
मुख्य बिंदु: परीक्षण के दौरान दिखाया गया कि ड्रोन की मदद से सुदूर एवं जमीनी क्षेत्रों की हलचल और गतिविधियों को आसानी से लाइव ट्रैक किया जा सकता है।
बिहार की तर्ज पर तकनीक का उपयोग

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि पड़ोसी राज्य बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद अवैध शराब पकड़ने के लिए ड्रोन तकनीक का व्यापक इस्तेमाल किया जा रहा है।
जिसके परिणाम सकारात्मक रहे हैं। यदि पूरी निष्ठा से काम किया जाए, तो झारखंड में भी यह तकनीक शराब माफिया के खिलाफ बेहद कारगर साबित होगी।
राजस्व रक्षा और पारदर्शी कार्यप्रणाली
ड्रोन प्रणाली की सटीकता से आश्वस्त होने के बाद मंत्री योगेंद्र महतो ने कहा कि आधुनिक तकनीक के समुचित उपयोग से विभागीय कार्यप्रणाली को और अधिक पारदर्शी व प्रभावी बनाया जा सकता है।
मंत्री ने यह भी कहा कि इससे न केवल अवैध गतिविधियों पर तुरंत नियंत्रण लगेगा, बल्कि राज्य के राजस्व हितों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।
